“यह गुना के पहले कलेक्टर हैं जो इंसानों से बात करते हैं”
स्वच्छता अभियान में सड़कों पर उतरे कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल, महिलाओं की समस्याएं सुनीं; जनता ने की सराहना

योगेन्द्र लुम्बा द्वारा…
गुना। जनकल्याण मेल।
गांधी जयंती के अवसर पर गुना शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। अभियान की जमीनी स्थिति देखने के लिए जिला कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल स्वयं शहर की गलियों और मोहल्लों में पहुंचे। उन्होंने हीरानंदन कॉलोनी और घोसीपुरा सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं।
कलेक्टर को अपने बीच देखकर स्थानीय नागरिकों ने उनसे खुलकर बातचीत की। विशेष रूप से महिलाओं ने सफाई व्यवस्था सहित क्षेत्र की अन्य समस्याओं की जानकारी दी। इस दौरान नागरिकों की आत्मीय प्रतिक्रिया भी देखने को मिली।
“सर! आज आप हमारी गली में आए, हमारी परेशानियां सुनीं”
घोसीपुरा और हीरानंदन कॉलोनी में संवाद के दौरान एक महिला ने कलेक्टर की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा, “सर! हम आपको हमेशा मोबाइल पर देखते थे। आज आप हमारी गली में आए और सबकी परेशानियां सुनीं, हमें बहुत अच्छा लगा। आप गुना के ऐसे पहले कलेक्टर हैं जो इंसानों से बात करते हैं।”
महिला की इस प्रतिक्रिया पर कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए नागरिकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि स्वच्छता अभियान में नागरिकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं और स्थानीय रहवासियों को स्वच्छता का सहभागी बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
महिलाओं की शिकायत पर मौके पर दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वार्ड की महिलाओं से सफाई व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। एक महिला ने नियमित सफाई नहीं होने और गली में गंदगी जमा रहने की शिकायत की। कलेक्टर ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्या के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका असर शहर की प्रत्येक गली और मोहल्ले में दिखाई देना चाहिए।
“अभी नहीं तो कभी नहीं” के संकल्प के साथ अभियान
कलेक्टर कन्याल ने नागरिकों से कहा कि गांधी जयंती के अवसर पर गुना नगर पालिका द्वारा स्वच्छता को लेकर नई शुरुआत की गई है। जिला प्रशासन, नगर पालिका, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
उन्होंने “अभी नहीं तो कभी नहीं” का संदेश देते हुए नागरिकों से अपील की कि वे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकें। कचरा डस्टबिन अथवा नगर पालिका की कचरा संग्रहण गाड़ी में डालने से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
स्वच्छता के साथ बुनियादी सुविधाओं पर भी रहेगा ध्यान
कलेक्टर ने कहा कि अभियान केवल कचरा उठाने तक सीमित नहीं रहेगा। शहर की गलियों के गड्ढों को भरने, नीचे लटक रही विद्युत लाइनों को व्यवस्थित कराने तथा जलापूर्ति जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान पर भी प्राथमिकता से काम किया जाएगा।
कलेक्टर का नागरिकों के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनना और मौके पर अधिकारियों को निर्देश देना अभियान का महत्वपूर्ण पक्ष रहा। इससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति संवाद और सहभागिता को लेकर सकारात्मक माहौल दिखाई दिया।





