पुलिस की सह पर कबाड़ी कर रहा है कबाड़ का अवैध कारोबार
(जीवन यादव)
अनूपपुर (जनकल्याण मेल) मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत कोयलांचल क्षेत्र में एक कबाड़ी का कबाड़ व्यवसाय इस समय अपने चरम पर है, कारण उसे स्थानीय पुलिस का भरपूर सहयोग मिल रहा है उक्त कबाड़ी कबाड़ की आड़ में रेलवे एवं विद्युत मंडल की बेश कीमती धातुओं जैसे लोहा एवं तावा से बनी सामग्री ,उपकरण एवं विद्युत प्रवाह के लिए खबो में लगाए गए तारों की बेख़ौफ़ होकर खुलेआम चोरी करवा रहा है जबकि उक्त कबाड़ी के खिलाफ अनूपपुर जिले के चचाई थाने सहित शहडोल जिले के बुढार , धनपुरी एवं खैरहा थाने में भी चोरी के अपराध दर्ज हैं ,और इन आप राधिक मामलों में वह अनूपपुर और बुढार न्यायालय से जमानत पर चल रहा है पूर्व में भी यह कबाडी न्यायालय के आदेश पर कई बार जेल जा चुका है और कई कई दिनों तक इसने जेल मे बिताए हैं न्यायालयों से जमानत पर होने के बावजूद भी वह निर्भीक और बेख़ौफ़ होकर पुलिस को चकमा देकर या फिर यूं कहें कि पुलिस की सह पर कबाड़ का अवैध कारोबार कर रहा है क्षेत्र में होने वाले कई तरह के सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा लेकर यह कबाड़ी अपने आप को श्वेतपोष के रूप में प्रदर्शित करता है इतना ही नहीं कबाड़ के अवैध पैसों से यह कबड्डी अपनी पत्नी को नगरीय निकाय के पार्षद पद का चुनाव भी लड़ा चुका है और नगरीय निकाय चुनाव में इसने पानी की तरह पैसा बहाया था।
चचाई में भी बनाया अड्डा…
कुछ ही वर्षों में राजा ने इस अवैध कारोबार से अकूत संपत्ति अर्जित की और अवैध कारोबार से अर्जित की गई संपत्ति से वर्तमान अड्डे से 9 किलोमीटर दूर चचाई क्षेत्र में नया अड्डा खोल लिया और वहां भी पावर प्लांट कोयला खदान एवं औद्योगिक इकाइयों से चोरी किए गए कबाड़ मशीनरी पार्ट्स तांबा लोहा आदि की खरीदी की जा रही है चचाई क्षेत्र में जिस जगह कबाड़ का नया अड्डा खोला गया है वहां आसपास रहवासी क्षेत्र है एवं मुख्य अभियंता का निवास भी है और आवास के आसपास का क्षेत्र प्रतिबंधित क्षेत्र भी माना जाता है लेकिन पैसों के दम पर चर्चित कबाडी ने पुलिस से साथ गांठ करते हुए नया अड्डा खोलकर धड़ल्ले से चोरी के सामान की खरीदी की जा रही है। आसपास के रहवासी बताते हैं कि प्रतिदिन इस कबाड़ के अड्डे में चोर उचक्के दारू के नशे में आते हैं और गाली गलौज भी करते हैं।
नहीं उठा फोन ….
जब इस संबंध में चचाई थाना प्रभारी से मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया तो थाना प्रभारी के द्वारा फोन रिसीव करना उचित नहीं समझे।



