नामांतरण पर नपाध्यक्ष के हस्ताक्षर अनिवार्य, हंगामे के बीच बहुमत से प्रस्ताव पारित

परिषद की सामान्य सभा एवं बजट की विशेष बैठक संपन्न

गुना [जनकल्याण मेल] नगर पालिका परिषद की सोमवार को आयोजित सामान्य सभा एवं बजट की विशेष बैठक में नामांतरण प्रक्रिया को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान नामांतरण की फाइलों में मुख्य नगरपालिका अधिकारी के बाद अब नगर पालिका अध्यक्ष के हस्ताक्षर भी अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे भारी हंगामे के बीच बहुमत से पारित कर दिया गया। कुल 33 पार्षदों की उपस्थिति में हुए मतदान में 18 पार्षदों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि विपक्ष ने इसका जमकर विरोध किया।

बैठक के दौरान नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता को उनकी ही पार्टी के उपाध्यक्ष धरम सोनी के विरोध का सामना करना पड़ा। परन्तु अध्यक्ष श्रीमती गुप्ता ने धैर्य का परिचय देते हुए माहौल को शांत बनाए रखा. दूसरी ओर राजनीतिक तौर पर परिपक्वता का परिचय देते हुए अध्यक्ष ने समस्त प्रस्तावों को पारित करने में सफलता प्राप्त की बैठक में नगर पालिका परिषद के आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट, जल उपभोक्ता प्रभार की नई दरों, नगर क्षेत्र में लगे विद्युत पोल और डीपी पर संपत्ति कर लगाने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। इस बजट को राजस्व समिति के अध्यक्ष कैलाश धाकड़ ने प्रस्तुत किया इसके अलावा, अस्थायी एवं दखल शुल्क की वसूली के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया।

गौरतलब है कि नामांतरण प्रक्रिया में नपाध्यक्ष के हस्ताक्षर अनिवार्य करने को लेकर पूर्व पार्षद वीरेंद्र शर्मा ने कलेक्टर कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया था। अब इस प्रस्ताव के पारित होने से नगर पालिका अध्यक्ष की भूमिका नामांतरण प्रक्रिया में और अधिक महत्वपूर्ण है.कोई दूसरी ओर बीते कुछ दिनों में नामांतरण को लेकर चल रही स्थिति का भी पटाक्षेप हो गया.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button