जिला जेल में आध्यात्मिक जागरूकता कार्यक्रम, बंदियों को वितरित की गई धार्मिक पुस्तकें

गुना [जनकल्याण मेल] जिला जेल में मंगलवार को बंदियों के लिए आध्यात्मिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के तहत कैदियों को धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जोडऩे का प्रयास किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी कैलाश मंथन ने श्रीमद् भगवद् गीता, रामायण, पुराणों और उपनिषदों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए मानव जीवन के उद्देश्य पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
राम नाम पुस्तिका का वितरण …
हनुमान टेकरी समिति के सानिध्य में जेल में बंदियों के बीच राम नाम पुस्तिकाओं का वितरण किया गया। समिति के अध्यक्ष नारायण अग्रवाल और गुलशन जुनेजा ने कैदियों को यह पुस्तिकाएं भेंट करते हुए भक्ति और सद्गुणों की महत्ता पर विचार व्यक्त किए। जेल में बंदियों को धार्मिक साहित्य उपलब्ध कराने की इस पहल का उद्देश्य उनमें आत्मचिंतन और सकारात्मकता को बढ़ावा देना था।
बंदियों में दिखा विशेष उत्साह …
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक चर्चा को लेकर बंदियों में उत्साह देखा गया। विभिन्न धर्मों के कैदियों ने कार्यक्रम में बढ़-चढक़र भाग लिया। इस अवसर पर जेल के प्रमुख शिक्षक मुकेश रावत को भी राम नाम पुस्तिकाएं सौंपी गईं, जो आगे सभी बंदियों को वितरित की जाएंगी।
बैरकों में पहुंची गीता की प्रतियां …
कार्यक्रम के समापन पर मुकेश रावत ने सभी का आभार व्यक्त किया और जेल प्रशासन द्वारा बैरकों में गीता की प्रतियां बंदियों को उपलब्ध कराई गईं। इस पहल को जेल अधिकारियों ने सराहा और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन पर जोर देने की बात कही।





