भाजपा नेता रविंद्र देशमुख को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले तीन भाजपा नेता, 7 लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया


सारणी [ जनकल्याण मेल ] प्रतिष्ठित व्यापारी और सारणी भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रविन्द्र देशमुख ने विभिन्न प्रताड़नाओं और उनकी प्रतिष्ठित छवि को बदनाम करने वाले 10 लोगों के जबरदस्त दबाव के कारण खुद को पिस्टल की गोली मारकर आत्महत्या का कदम उठाया था। इस घटना की सूचना मिलने पर एसडीओपी रोशन जैन, थाना प्रभारी अरविंद कुमरे एवं चौकी प्रभारी वंशज श्रीवास्तव अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे थे। वहाँ मृतक का शव लहूलुहान स्थिति में मिला और पास ही एक पिस्टल पड़ी हुई थी। मृतक के कान के ऊपर से खून बहता हुआ पाया गया। शव की जांच के दौरान मृतक की पैंट की पीछे की जेब से एक तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला था। हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस अधीक्षक निश्चल झारिया ने घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और फोरेंसिक टीम द्वारा जांच करवाने के निर्देश दिए। फोरेंसिक एक्सपर्ट ऋषिकेश यादव नर्मदापुरम और एफएसएल/ फिंगरप्रिंट प्रभारी निरीक्षक आबिद अंसारी ने मौके पर पहुंचकर सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए।ये तीन भाजपा नेता और 7 लोगों पर मामला दर्ज – मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बरामद किए सुसाइड नोट के आधार पर दूसरे ही दिन मंगलवार को आगे की कार्रवाई की। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस सुसाइड नोट में मृतक रविन्द्र ने रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे, दीपक शिवहरे, प्रमोद गुप्ता, अभिषेक साहू, मो. नसीम रजा, शमीम रजा, नाजिया बानो, करण सूर्यवंशी, भोला सिंह उर्फ रामनारायण सिंह को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में विस्तार से लिखा गया है कि उपरोक्त व्यक्तियों ने पैसों के लिए मानसिक प्रताड़ना दी और समाज में छवि खराब करने की धमकी देकर दबाव बनाया। मृतक द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 444/24 धारा 108, 3(5) बी.एन.एस. का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।



