प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत राष्ट्र के विघ्नहर्ता हैं: कृष्णा गुरुजी

मोदीजी के जन्मदिन पर पार्थ-अवनि जैन को मिला ‘पर्यावरण के विघ्नहर्ता’ अवॉर्ड 2026
इंदौर
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर कृष्णा गुरुजी ने उन्हें शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि भगवान गणेश के उत्सव और विघ्नहर्ताओं को सम्मानित करने की अवधि के दौरान उनका जन्मदिन आना एक अद्भुत संयोग है।
कृष्णा गुरुजी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी वास्तव में राष्ट्र के विघ्नहर्ता हैं। उन्होंने देश की अनेक समस्याओं और बाधाओं को दूर करने का निरंतर प्रयास किया है। स्वच्छता अभियान हो, पर्यावरण संरक्षण हो या देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प—उन्होंने हर क्षेत्र में लोगों को साथ लेकर कार्य किया है। इसीलिए उनके जन्मदिन पर पर्यावरण की रक्षा करने वाले एक परिवार को सम्मानित करना उनके प्रति हमारी एक छोटी-सी भावपूर्ण भेंट है।”
इस अवसर पर नवदंपती पार्थ जैन और अवनि जैन को ‘पर्यावरण के विघ्नहर्ता’ अवॉर्ड-2026 से सम्मानित किया गया। पार्थ और अवनि ने अपने विवाह के अवसर पर रिश्तेदारों और मित्रों से स्पष्ट अनुरोध किया था कि वे कोई उपहार या लिफाफा न लाएँ। यदि वे आशीर्वाद देना चाहते हैं, तो एक पौधा लेकर आएँ और उसे रोपित करें। उनकी इस अनूठी सोच के कारण विवाह समारोह प्रकृति और भावी पीढ़ियों के लिए एक यादगार संदेश बन गया।
इस पहल के पीछे पार्थ के पिता श्री अक्षय जैन की प्रेरणा थी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने उन्हें अत्यधिक प्रभावित किया।
अक्षय जैन ने कहा, “प्रधानमंत्रीजी ने माँ के सम्मान को वृक्षारोपण से जोड़कर पूरे देश को एक अत्यंत सुंदर संदेश दिया है। वहीं से हमें यह विचार मिला कि बच्चों के विवाह में उपहारों और लिफाफों के स्थान पर पौधे मंगवाए जाएँ। हमने सोचा कि कपड़े, सामान और लिफाफे कुछ समय बाद समाप्त हो जाएँगे, लेकिन अतिथियों द्वारा लगाए गए पौधे जब बड़े होकर वृक्ष बनेंगे, तो उनका आशीर्वाद पीढ़ियों तक हमारे बच्चों के साथ रहेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर पार्थ, अवनि और पूरे जैन परिवार ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ लगाने तथा उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया।
कृष्णा गुरुजी ने कहा, “आज पर्यावरण का संकट संपूर्ण मानवता के लिए एक बड़ा संकट है। जो व्यक्ति पौधे लगाता है, वृक्षों की रक्षा करता है और दूसरों को प्रकृति से जोड़ता है, वह वास्तव में पर्यावरण का विघ्नहर्ता है। पार्थ, अवनि और उनके परिवार ने विवाह जैसे शुभ अवसर को पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर समाज के समक्ष एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसे प्रत्येक परिवार अपना सकता है।”
कृष्णा गुरुजी द्वारा वर्ष 2024 से गणेश आरती के मानवीकरण के उद्देश्य से ‘विघ्नहर्ता अवॉर्ड’ दिया जा रहा है। गणेश आरती की पंक्तियों—‘अंधन को आँख देत, कोढ़न को काया, बाँझन को गर्भ देत और निर्धन को माया’—की मूल भावना के अनुरूप ऐसे व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाता है, जो अपने सतकर्मों से दूसरों के जीवन के विघ्न दूर कर रहे हैं।
कृष्णा गुरुजी अपनी टीम के साथ प्रतिवर्ष शहर की दस ऐसी प्रतिभाओं के निवास अथवा कार्यस्थल पर स्वयं पहुँचते हैं। उन्हें सम्मानित करने के साथ-साथ प्रोत्साहित भी किया जाता है, ताकि वे समाजहित में इसी प्रकार निरंतर कार्य करते रहें। इनमें नेत्रदान, अंगदान, कुष्ठ सेवा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक सेवा जैसे क्षेत्र सम्मिलित हैं।
इस वर्ष अब तक कुष्ठ रोगियों की सेवा के लिए यामिनी निवासकर, नेत्रदान एवं अंगदान की प्रेरणा के लिए नंदकिशोर व्यास, लोगों को पीड़ा से राहत दिलाने के लिए डॉ. जागुन सिंह, निःसंतान दंपतियों की सेवा के लिए अंकुरा हॉस्पिटल की डॉ. आस्था जैन माथुर तथा आध्यात्मिक ज्ञान-सेवा के लिए अतुल रामनारायण तिवारी को ‘विघ्नहर्ता अवॉर्ड-2026’ से सम्मानित किया जा चुका है।
कृष्णा गुरुजी ने अपनी टीम के सदस्यों अनिल कुमार, पिंकू यादव और पलक मिश्रा के साथ जैन परिवार के कार्यस्थल पर पहुँचकर पार्थ और अवनि को तिरंगा दुपट्टा पहनाया और ‘पर्यावरण के विघ्नहर्ता’ अवॉर्ड प्रदान किया। इस विचार की प्रेरणा देने वाले उनके पिता अक्षय जैन का भी सम्मान किया गया।
कृष्णा गुरुजी ने जनमानस से अपील की कि वे विवाह एवं अन्य शुभ अवसरों पर लिफाफों तथा महँगे उपहारों के स्थान पर पौधे भेंट करने की परंपरा का शुभारंभ करें। इस कार्यक्रम का आयोजन कृष्णा गुरुजी सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सौजन्य से किया गया।





