फिर अंधेरे में डूबा झंडा चौक चौराहा, स्ट्रीट लाइट की बदहाली पर उठे सवाल
हर दस-पंद्रह दिन में गुल हो जाती हैं आठ-दस पोल की लाइटें, बारिश और रक्षाबंधन के बीच राहगीरों की बढ़ी परेशानी

सुरेन्द्र मिश्रा … 9425381277
भोपाल। जनकल्याण मेल। प्यारेलाल खंडेलवाल आवासीय परिसर, बीडीए कॉलोनी घरौंदा के झंडा चौक चौराहे पर एक बार फिर अंधेरा छा गया है। करीब आठ दिन पहले एक सप्ताह तक बंद रहने के बाद चालू हुई स्ट्रीट लाइटें पिछले दो-तीन दिनों से फिर बंद पड़ी हैं। इससे रात में इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
झंडा चौक मार्ग से घरौंदा के साथ-साथ केनाल किंगशिप, शिव आंगन, अर्वन सहित मुकुंदरत्नम आवासीय परिसर के रहवासी नियमित आवागमन करते हैं। इसी चौराहे पर सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर भी स्थित है, जहां देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। चौराहे पर मंदिर और सांची पार्लर की निजी रोशनी नहीं हो तो पूरा क्षेत्र घने अंधेरे में डूब जाता है।
बरसात में अंधेरा बना खतरा …
इन दिनों बारिश के कारण सड़क पर पानी और फिसलन की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में स्ट्रीट लाइट बंद होने से पैदल राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व होने के कारण बाजार और आवागमन बढ़ने की संभावना है, ऐसे में चौराहे की खराब रोशनी व्यवस्था चिंता का विषय बन गई है।
रहवासियों का कहना है कि झंडा चौक की आठ-दस पोल की लाइटें बार-बार खराब होना अब सामान्य बात बनती जा रही है। कभी एक सप्ताह तो कभी कई दिनों तक लाइटें बंद रहती हैं। लाइटें ठीक होने के कुछ ही दिन बाद फिर वही स्थिति निर्मित हो जाती है। सवाल यह है कि बार-बार मरम्मत के बजाय समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा …?
जिम्मेदार व्यवस्था की कमी भी बनी समस्या …
आवासीय परिसर में स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य मूलभूत समस्याओं को तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचाने और उनके समाधान की निगरानी करने वाली कोई प्रभावी स्थानीय व्यवस्था नजर नहीं आती। कुछ जागरूक लोग व्यक्तिगत स्तर पर नगर निगम या अपने संपर्कों के माध्यम से शिकायत कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास जरूर करते हैं, लेकिन यह स्थायी व्यवस्था का विकल्प नहीं हो सकता।
विडंबना यह है कि स्ट्रीट लाइट बंद होने और सफाई जैसी समस्याओं पर सामूहिक सक्रियता कम दिखाई देती है, जबकि पानी की आपूर्ति बाधित होते ही वाट्सएप समूहों में तत्काल चर्चा शुरू हो जाती है।
नगर निगम से स्थायी समाधान की मांग …
रहवासियों की मांग है कि नगर निगम का विद्युत अमला झंडा चौक की स्ट्रीट लाइटों की महज खानापूर्ति वाली मरम्मत न कर वायरिंग, पोल, केबल और प्रकाश व्यवस्था की तकनीकी जांच कराए। यदि किसी विशेष तकनीकी खराबी के कारण बार-बार लाइटें बंद हो रही हैं तो उसे स्थायी रूप से दुरुस्त किया जाए।
रहवासियों का कहना है कि हर दस-पंद्रह दिन में स्ट्रीट लाइट बंद होना केवल असुविधा नहीं, बल्कि रात के समय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर सवाल है। नगर निगम को रक्षाबंधन पर्व और लगातार बारिश को देखते हुए तत्काल झंडा चौक की सभी बंद स्ट्रीट लाइटें चालू कराकर नियमित निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए।





