सरकार के दावे खोखले, हकीकत में यूरिया के लिए भटक रहा किसान : संगीता शर्मा

कांग्रेस प्रवक्ता बोली, किसान को लाइन लगा कर जश्न मना रही सरकार

भोपाल [जनकल्याण मेल] मध्यप्रदेश में गहराते यूरिया संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सुश्री संगीता शर्मा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की घोर लापरवाही और अव्यवस्थित व्यवस्था के कारण अन्नदाता को कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होना पड़ रहा है। सुश्री शर्मा ने कहा कि एक तरफ इस भीषण ठंड में किसान एक बोरी खाद के लिए मोहताज है और भरी ठंड में रातभर लाइन में लग रहा है तो दूसरी तरफ सरकार अपने को आत्ममुग्ध करने के लिए जश्न मना रही है।

सुश्री संगीता शर्मा ने कहा कि रतलाम जिले के जावरा अनुभाग में हालात बेहद चिंताजनक हैं। न्यूनतम 9 डिग्री तापमान और घने कोहरे के बीच किसान रात से ही वेयरहाउस के बाहर लाइन लगाकर खड़े हैं। कई किसान अपने घरों से बिस्तर लाकर खुले मैदान में सो रहे हैं, ताकि सुबह उन्हें यूरिया लेने का टोकन मिल सके।

सुश्री शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता के दिखावटी दावे कर रही है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि वेयरहाउस से प्रतिदिन मात्र 100 किसानों को ही टोकन दिए जा रहे हैं। इसके विपरीत, सुबह होते-होते किसानों की संख्या इससे कई गुना अधिक हो जाती है। इस अव्यवस्था के कारण किसानों के बीच तनाव और विवाद की स्थिति बन रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि 70 वर्षीय बुजुर्ग किसान अमर सिंह जैसे लोग रात एक-दो बजे घर से निकलकर ठंड में लाइन लगा रहे हैं, फिर भी उन्हें यह भरोसा नहीं है कि उन्हें यूरिया मिल पाएगा। कई किसान पिछले तीन दिनों से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। डॉ मोहन यादव की सरकार में प्रदेश का अन्नदाता बदहाल हो रहा है।

संगीता शर्मा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति सरकार की पूर्ण विफलता को दर्शाती है। यदि समय रहते यूरिया का पर्याप्त भंडारण और सुनियोजित वितरण किया जाता, तो किसानों को इस तरह अपमानजनक और अमानवीय हालात का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने मांग की कि तत्काल पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए, वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि अन्नदाता को राहत मिल सके।

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