झंडा चौक पर लौटी रौनक, जनसेवा की भावना से खुली नई दुकान…
शुद्धता, पवित्रता और भरोसे का केंद्र बना गोलू सिंह का प्रयास रहवासियों का बढ़ता भरोसा, खरीदारी को मिल रहा नया ठिकाना

भोपाल [जनकल्याण मेल]
प्यारेलाल खंडेलवाल आवासीय परिसर स्थित झंडा चौक पर लंबे समय से बंद पड़ी दुकान के पुनः खुलने से क्षेत्र में नई रौनक लौट आई है। जनसेवा की भावना के साथ श्री सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर के भक्त गोलू सिंह द्वारा शुरू की गई इस दुकान ने अल्प समय में ही स्थानीय रहवासियों का भरोसा जीत लिया है।

दुकान के खुलने से कॉलोनीवासियों को अब चाय, नाश्ता, दूध, किराना एवं रोजमर्रा की आवश्यक सामग्री एक ही स्थान पर सहज रूप से उपलब्ध होने लगी है। इससे न केवल लोगों की दैनिक जरूरतें आसान हुई हैं, बल्कि क्षेत्र में सुविधा और आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है।
मंदिर आस्था और घरेलू शुद्धता का अनूठा संगम ..
इस दुकान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ मंदिर के लिए आदर्श एवं पवित्र प्रसाद, साथ ही भगवान के वस्त्र भी उपलब्ध रहते हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रसाद पूर्णतः घर की पवित्र रसोई में तैयार किया जाता है, जहाँ स्वच्छता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
भरोसे का कारण बनी शुद्धता और पारदर्शिता …
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, दुकान पर मिलने वाली खाद्य सामग्री न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पूर्णतः शुद्ध और सुरक्षित भी है। यही कारण है कि रहवासियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है और लोग पूरे विश्वास के साथ यहां से अपने परिवार के लिए सामग्री क्रय कर रहे हैं।
रिश्तों और सेवा भाव की मिसाल …
रहवासियों ने इस पहल को साले–बहनोई के प्रेम, स्नेह और आपसी सहयोग का प्रतीक बताया है। लोगों का कहना है कि यह दुकान केवल व्यापार नहीं, बल्कि सेवा, विश्वास और सामाजिक जुड़ाव का केंद्र बनती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों ने की सराहना …
बीडीए कॉलोनी घरौंदा सहित आसपास के रहवासियों ने दुकान संचालक गोलू सिंह की ईमानदारी, सेवा भावना और पवित्र कार्यशैली की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। नागरिकों का मानना है कि इस प्रकार के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

झंडा चौक अब सिर्फ चौराहा नहीं, भरोसे की पहचान ….
“हनुमान कृपा जनसेवा” स्टोर खुलने से झंडा चौक अब केवल एक स्थान नहीं, बल्कि सेवा, आस्था और शुद्धता की पहचान बनता जा रहा है—जहाँ खरीदारी के साथ विश्वास भी मिलता है।



