तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से तबाही, बाढ़ के वीडियो डिलीट करने का चीन पर आरोप

नई दिल्ली
 द टाइम्स आफ इजरायल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 26 अगस्त को ग्लेशियर के ढहने के बाद तिब्बत में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ और मडस्लाइड (कीचड़ और मलबे का खिसकना) से हुई तबाही को दिखाने वाले वीडियो चीन डिलीट कर रहा है।

दावा किया गया है कि ग्लेशियर के ढहने से लेन्डे खोला से होते हुए भोटे कोशी और त्रिशूली नदी प्रणालियों में कीचड़, चट्टानों और पानी का भारी बहाव हुआ, जिससे नेपाल-तिब्बत सीमा पर बड़े पैमाने पर तबाही हुई।
 

ग्लेशियर ढहने से नेपाल-तिब्बत सीमा पर तबाही हुई
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ आने के कुछ ही घंटों के भीतर चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तबाही के वीडियो फैलने लगे। फुटेज में कीचड़ और मलबे की विशाल दीवार को ग्यिरोंग पोर्ट पर इमारतों पर गिरते देखा गया, जबकि लोग जान बचाने के लिए भाग रहे थे।

बाद में अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने उस जगह और फुटेज की पुष्टि की। रिपोर्ट में भूटान के एक पत्रकार का जिक्र है, जिन्होंने बताया कि चीनी प्लेटफार्म से बाढ़ के वीडियो हटा दिए गए थे।

सरकारी प्लेटफॉर्म पर बचाव कार्य दिखाया जा रहा 
अब चीनी प्लेटफॉर्म पर ज्यादातर सरकारी बातें दिखाई दे रही हैं, जैसे बचाव कार्यों की जानकारी, सरकारी बयान और राष्ट्रपति शी चिनफिंग के निर्देश। तबाही के पैमाने के बारे में बहुत कम जानकारी दी गई।

रिपोर्ट में नेपाल में उठाए गए उन सवालों का भी जिक्र है, जो तिब्बत की तरफ से बहकर आए विस्फोटक उपकरणों और इस बात को लेकर थे कि क्या निर्माण या सुरंग बनाने के लिए किए गए धमाकों ने इलाके की जमीन को अस्थिर करने में कोई भूमिका निभाई हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button