ड्रिप विधि से सब्जी की खेती ने बनाया ‘लखपति दीदी’, सालाना डेढ़ लाख की कमाई

रायपुर
ड्रिप विधि से सब्जी की खेती ने बनाया ‘लखपति दीदी’, सालाना डेढ़ लाख की कमाई
कभी गांव की सीमित जमीन सिर्फ घरेलू जरूरतों तक सीमित रहती थी, लेकिन जब मेहनत को सही दिशा और अवसर मिला तो वही बाड़ी परिवार की आर्थिक समृद्धि का जरिया बन गई। कोरबा जिले के ग्राम बेला की अंजना भगत ने अपनी मेहनत, सीखने की लगन और स्वसहायता समूह से मिले सहयोग से सब्जी उत्पादन को आजीविका का मजबूत साधन बनाया है। उनकी सफलता का सफर अब उन्हें ‘लखपति दीदी’ की पहचान तक ले आया है।
अंजना भगत वर्ष 2017 से ‘बिहान’ (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) से जुड़ी हुई हैं। वे ‘सहेली स्वसहायता समूह’ की सदस्य हैं। समूह में कुल 13 महिलाएं शामिल हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ते हुए सब्जी उत्पादन में ड्रिप विधि को अपनाया। उन्होंने अपनी बाड़ी में बरबट्टी, लौकी और डोड़का जैसी सब्जियों की खेती शुरू की। ड्रिप विधि से खेती करने से बाड़ी में सब्जियों की देखभाल व्यवस्थित तरीके से होने लगी। वे नियमित रूप से फसल की देखरेख करती हैं और तैयार सब्जियों को स्थानीय बाजार में बेचकर आय अर्जित करती हैं। धीरे-धीरे सब्जी उत्पादन उनके परिवार की आमदनी का महत्वपूर्ण जरिया बन गया।
भगत की मेहनत का परिणाम आज उनकी आय में साफ दिखाई देता है। सब्जी उत्पादन और आजीविका गतिविधियों से उनकी वार्षिक आय लगभग 1.50 लाख रुपये तक पहुंच गई है। आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का गौरव हासिल किया है।
उन्होंने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ना उनके लिए बदलाव की शुरुआत रहा। स्वसहायता समूह के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला और अपनी मेहनत को स्वरोजगार से जोड़ने का अवसर मिला। आज उनकी बाड़ी में लहलहाती सब्जियां केवल फसल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की उम्मीद का प्रतीक हैं।
अंजना की सफलता यह दर्शाती है कि गांव की महिलाएं जब समूह की शक्ति और अपनी मेहनत को साथ लेकर आगे बढ़ती हैं, तो आत्मनिर्भरता का सपना हकीकत बन सकता है। उनकी उपलब्धि गांव की अन्य महिलाओं को भी आजीविका के नए अवसर अपनाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने के लिए प्रेरित कर रही है।
अपनी इस उपलब्धि के लिए उन्होंने ‘विष्णु भैया’ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को नई दिशा और अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘विष्णु भैया’ के नेतृत्व में महिलाओं की मेहनत को सम्मान और आत्मनिर्भरता की नई पहचान मिल रही है।





