चैत्र नवरात्रि पर सातदेव में 21 दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन, 5 एकड़ में लगेगा विशाल पंडाल

विष्णु प्रसाद राठौर

भेरूंदा /जनकल्याण मेल/ तहसील के ग्राम पंचायत सातदेव स्थित श्री दादाजी दरबार पातालेश्वर महादेव मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर 21 दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन श्री श्री 1008 श्री धुनीवाले दादाजी की असीम कृपा और माँ नर्मदा मैया के आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम 18 मार्च 2026, बुधवार से प्रारंभ होकर 7 अप्रैल 2026, मंगलवार तक चलेगा। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग 5 एकड़ जमीन पर विशाल टेंट और पंडाल लगाया जा रहा है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु एक साथ बैठकर कथा श्रवण और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकेंगे। इसके साथ ही आयोजन स्थल पर पेयजल, भोजन, बैठने और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आयोजन के दौरान धुनीवाले दादाजी का विशाल हवन एवं महायज्ञ भी किया जाएगा, जिसमें लगभग 41 टन सामग्री का उपयोग होगा। इतनी बड़ी मात्रा में हवन सामग्री से होने वाला यह महायज्ञ क्षेत्र में विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस प्रकार के महायज्ञ से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
चैत्र नवरात्रि के अवसर पर 151 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा अखंड दुर्गा पाठ भी किया जाएगा। यह पाठ पूरे आयोजन के दौरान निरंतर चलता रहेगा, जिससे पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण बना रहेगा। श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ इस पाठ में शामिल होकर देवी मां का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम के अंतर्गत 29 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक संगीतमय शिव महापुराण कथा का आयोजन भी किया जाएगा। कथा का समय प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है। इस दौरान कथा वाचक भगवान शिव की महिमा, धार्मिक कथाओं और जीवन से जुड़े आध्यात्मिक संदेशों का वर्णन करेंगे, जिसे सुनने के लिए आसपास के गांवों और शहरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
श्री दादाजी दरबार में प्रतिदिन सुबह 8 बजे श्री दादाजी महाराज की आरती होगी। इसके बाद सुबह 9 बजे माँ नर्मदा जी को निशान अर्पित किया जाएगा। प्रतिदिन 151 लीटर दूध से माँ नर्मदा का अभिषेक पूजन भी किया जाएगा, जो इस आयोजन की विशेष परंपरा का हिस्सा है। साथ ही प्रतिदिन माँ दुर्गा का विधि-विधान से पूजन और 1100 फलों से अर्चन किया जाएगा।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की भी विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक दादा भक्तों के लिए भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। इसके अलावा रात्रि 8:30 बजे से समस्त क्षेत्र एवं जिले के श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
रात्रि के समय भी आयोजन स्थल पर भक्ति का विशेष वातावरण रहेगा। प्रतिदिन रात्रि 7:30 बजे 21 हजार दीप प्रज्वलित कर श्री दादाजी महाराज की महाआरती की जाएगी। हजारों दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत आकर्षक और भावपूर्ण दृश्य होगा।
इसके बाद प्रतिदिन 21 क्विंटल सामग्री से महाहवन किया जाएगा, जिसमें संत-महात्मा और श्रद्धालु भाग लेंगे। यह महाहवन पूरे आयोजन का महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान रहेगा।
इस 21 दिवसीय भव्य धार्मिक आयोजन का समापन 7 अप्रैल 2026 को पूर्णाहुति के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सीहोर, हरदा और देवास जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
इस भव्य आयोजन के आयोजक आजीवन नर्मदा परिक्रमावासी संत श्री शिवानंद जी महाराज हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने और आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।



