भेरूंदा में होलिका दहन हेतु बड़कुल की मालाएँ तैयार, बहनों को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल

भेरूंदा [जनकल्याण मेल]

सेवा भारती के तत्वावधान में भेरूंदा सेवा भारती नगर के वैभवश्री समूह की बहनों द्वारा होलिका दहन के पावन पर्व के लिए बड़कुल (बड़/बरगद के फल) की आकर्षक एवं पारंपरिक मालाएँ तैयार की जा रही हैं। यह पहल धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।

वैभवश्री समूह से जुड़ी महिलाएँ सामूहिक रूप से इन मालाओं का निर्माण कर रही हैं। बड़कुल से बनी ये मालाएँ विशेष रूप से होलिका दहन पर अर्पित की जाती हैं और शुभ मानी जाती हैं। समूह की बहनें पूरी लगन, स्वच्छता और सुंदरता का विशेष ध्यान रखते हुए मालाएँ तैयार कर रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों को पारंपरिक सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो सके।

सेवा भारती के मार्गदर्शन में संचालित इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबी बनाना है। इस कार्य से जुड़कर बहनों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। कौशल विकास के माध्यम से उन्हें आय का साधन प्राप्त हो रहा है, साथ ही समाज में सम्मानजनक पहचान भी मिल रही है।

इन मालाओं की सहयोग राशि मात्र 15 रुपये निर्धारित की गई है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इसका लाभ उठा सकें और इस पुनीत कार्य में सहभागी बनें। मालाएँ दुर्गा मंदिर चौराहा स्थित फूलों की दुकानों पर उपलब्ध हैं। स्थानीय नागरिकों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

समूह की बहनों ने नगरवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर इस प्रयास को प्रोत्साहित करें। यह पहल न केवल होलिका दहन की परंपरा को जीवंत बनाए रखने में सहायक होगी, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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