ग्वालियर के 31 स्कूलों में शुरू हुआ AI पाठ्यक्रम, छात्रों को मिलेगी नई तकनीक की शिक्षा

 ग्वालियर
 प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में एआई असिस्टेंट को व्यावसायिक पाठ्यक्रम में शामिल किया है। साथ ही एक सितंबर से स्कूलों में इसकी पढ़ाई भी शुरू हुई लेकिन अभी छात्रों की रुचि इसमें बहुत कम ही है। लेकिन धीरे-धीरे उनका रुझान एआइ की तरफ बढ़ रहा है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय मुरार में कक्षा नौ से 12वीं के बीच की कुल 39 छात्राएं ही इसे पढ़ रही है।

इसी तरह पागनवीसी हायरसेकेंडरी स्कूल में भी 106 छात्र इसे पढ़ रहे है। यही हाल तकरीबन जिले के उन 31 स्कूलों में है, जहां पर एआई असिस्टेंट को व्यावसायिक पाठ्यक्रम के रूप में शामिल किया गया है।

इसलिए 31 स्कूलों में ही शुरू हो पाया है एआई असिस्टेंट का पाठ्यक्रम
नई शिक्षा नीति के तहत यूं तो सभी सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू होने है। इसके तहत हर स्कूल में व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए प्रयोगशाला होना जरूरी है। जहां तक एआई असिस्टेंट पाठ्यक्रम की बात है तो यह केवल उन 31 स्कूलों में ही शुरू हो पाया है, जिनमें आइसीटी यानि इंफोरमेशन टेक्नोलाजी प्रयोगशाला है।

साथ ही यहां पर जो आइसीटी इंस्ट्रक्टर नियुक्त किए गए थे, वही इसे पढ़ा रहे है। हालांकि पूरे जिले में 120 से अधिक हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल है। इसलिए एक सितंबर से केवल इन्हीं 31 स्कूलों में ही एआइ असिस्टेंट का पाठ्यक्रम शुरू हो पाया है।

यह पढ़ाया जाना है एआई असिस्टेंट के तहत छात्रों को
कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए यह एआइ व्यावसायिक पाठ्यक्रम मुख्य रूप से पायथन प्रोग्रामिंग, डेटा एनालिसिस और मशीन लर्निंग की बुनियादी समझ पर केंद्रित है। इसे छात्रों को साल में 240 घंटे पढ़ाने का माड्यूल है।

इसके तहत छात्रों को कंप्यूटर सिस्टम के मुख्य घटकों की पहचान और आपरेटिंग सिस्टम का बेसिक कान्फ़िगरेशन, पायथन भाषा की मूल अवधारणाएं, कोडिंग स्किल्स, सिंटैक्स, डेटा वेरिएबल्स और कंट्रोल फ्लो, डेटा को प्रोसेस और विश्लेषण करने के लिए पायथन की मुख्य लाइब्रेरीज़ का व्यावहारिक उपयोग।

लाइब्रेरी के माध्यम से ग्राफ, चार्ट्स और डेटा को विज़ुअली प्रदर्शित करना, एआई, मशीन लर्निंग मॉडल और डेटा एनोटेशन के शुरुआती सिद्धांतों की समझ को पढ़ाया जाना है।

    एआई असिस्टेंट के कोर्स को व्यावसायिक शिक्षा के रूप में शामिल किया गया है और एक सितंबर से जिले के 31 स्कूलों, जिनमें आइसीटी लैब है, वहां पर शुरू किया गया है। हालांकि एआई असिस्टेंट का कोर्स को शुरू हुए कुछ ही दिन हुए है, इसलिए इसमें प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या कम है। लेकिन अगले सत्र से इसमें अधिक छात्र प्रवेश लेंगे। – राजीव सिंह, नोडल अधिकारी, व्यावसायिक शिक्षा

 

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