शिव कुमार महाराज ने धर्मप्रेमियों को किया आमंत्रित, रूपसिंह भैया राजपूत पांचवीं बार महायज्ञ में होंगे शामिल
11 से 19 दिसंबर तक श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारकाधाम में होगा पंचम महायज्ञ एवं 51 कुंडीय रुद्र महायज्ञ, देशभर से पहुंचेंगे श्रद्धालु

सुरेन्द्र मिश्रा -9425381277
चंदेरी। जनकल्याण मेल।
गुजरात स्थित श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारकाधाम में 11 से 19 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले पंचम महायज्ञ एवं 51 कुंडीय रुद्र महायज्ञ को लेकर देशभर के धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं में उत्साह है। श्री गुरु आश्रम पिपरिया, चंदेरी (मध्य प्रदेश) के कथा वाचक पं. श्री शिवकुमार जी महाराज द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस पावन धार्मिक आयोजन में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया जा रहा है। महाराज श्री श्रद्धालुओं की सेवा, समर्पण और धार्मिक सहभागिता की सराहना करते हुए सभी की यात्रा मंगलमय होने की कामना कर रहे हैं।

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के ऊर्दना, बसई निवासी श्री रूपसिंह भैया राजपूत जी का विशेष उल्लेख करते हुए शिव कुमार महाराज ने उन्हें पांचवीं बार श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारकाधाम में आयोजित महायज्ञ में सम्मिलित होने पर आत्मीय शुभकामनाएं दीं। महाराज श्री ने कहा कि प्रत्येक यज्ञ में श्रद्धा के साथ सहभागिता करना भगवान की विशेष कृपा का प्रतीक है। उन्होंने रूपसिंह भैया राजपूत का पुनः स्वागत करते हुए उनके परिवार पर भगवान श्री द्वारकाधीश एवं श्री नागेश्वर महादेव की कृपा सदैव बनी रहने की प्रार्थना की।
तालबेहट के श्रद्धालुओं का होगा स्वागत
उत्तर प्रदेश के तालबेहट निवासी अधिवक्ता श्री बाबूलाल नरवरिया पहली बार इस महायज्ञ में सम्मिलित होंगे। महाराज श्री ने उनके प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सुखद एवं मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। वहीं, अधिवक्ता श्री नरेश पस्तोर प्रत्येक यज्ञ में सक्रिय सहभागिता और महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। महायज्ञ में उनके पुनः शामिल होने पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया है।
पंचोरा के सेवाभावी श्रद्धालुओं का विशेष योगदान
पंचोरा निवासी ठेकेदार श्री रवि यादव धार्मिक आयोजनों में अपने सेवाभाव के लिए विशेष पहचान रखते हैं। वे अपनी गाड़ी और सेवाएं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए उपलब्ध कराते हैं। चंदेरी आश्रम के निर्माण में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महाराज श्री के अनुसार, वे पांचवीं बार भगवान की सेवा में सम्मिलित होंगे।
पंचोरा निवासी श्री रमेश भैया सेन प्रथम यज्ञ से ही इस धार्मिक परंपरा से जुड़े हुए हैं और सेवा का अवसर मिलने पर पूरे समर्पण से सहयोग करते हैं। श्री पंचम सिंह यादव भी प्रत्येक यज्ञ में सहभागी बनते रहे हैं। दोनों श्रद्धालुओं का द्वारकाधाम में पुनः स्वागत करते हुए उनके मंगलमय जीवन की कामना की गई।
बसुआं के श्रद्धालुओं को भी आमंत्रण
उत्तर प्रदेश के बसुआं निवासी श्री बलराम सिंह यादव, ग्राम प्रधान श्री गजराम सिंह यादव तथा श्री सिंहराम सिंह यादव को भी महायज्ञ में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है। श्री सिंहराम सिंह यादव का घी वेदी पर पुनः पंजीयन हुआ है। महाराज श्री ने प्रार्थना की कि भगवान उन्हें इसी प्रकार धर्मकार्य के लिए बुलाते रहें और 12 ज्योतिर्लिंगों में आयोजित यज्ञों में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करें।
बसुआं निवासी श्री कप्तान सिंह यादव एवं श्री शेर सिंह यादव को भगवान के परम भक्त और साधु-संतों के सेवक बताते हुए उनका भी श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारकाधाम में स्वागत किया गया। महाराज श्री ने उनकी यात्रा सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय होने की कामना की।
रणवीर सिंह यादव का भी रहा विशेष जुड़ाव
पंचोरा निवासी श्री रणवीर सिंह यादव, जिन्हें प्रधानजी के नाम से जाना जाता है, का भी इस धार्मिक परंपरा से गहरा जुड़ाव रहा है। महाराज श्री ने बताया कि उनके तथा श्री पुजारीजी के माध्यम से ही सर्वप्रथम पंचोरा आने का अवसर मिला था। श्री रणवीर सिंह यादव प्रत्येक यज्ञ में सम्मिलित होते रहे हैं। उनके पुनः महायज्ञ में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके परिवार पर भगवान की कृपा सदैव बनी रहने की प्रार्थना की गई।
श्रद्धा, सेवा और समर्पण का संगम बनेगा महायज्ञ
श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारकाधाम में आयोजित होने वाला पंचम महायज्ञ एवं 51 कुंडीय रुद्र महायज्ञ श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक साधना, भगवान की आराधना और सेवा-भाव से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु यज्ञ में सहभागिता कर धार्मिक आस्था, गुरु-शिष्य परंपरा और सामूहिक सेवा की भावना को आगे बढ़ाएंगे।

पं. श्री शिवकुमार जी महाराज ने सभी आमंत्रित श्रद्धालुओं के प्रति आत्मीयता व्यक्त करते हुए भगवान श्री द्वारकाधीश एवं श्री नागेश्वर महादेव से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करने और उनकी यात्रा सुखद एवं मंगलमय बनाने की प्रार्थना की।
जय श्री राधे-कृष्ण। जय हो श्री पूंछ वाले बाबा की। हर-हर महादेव।





