एम्स भोपाल को एनएबीएच की पूर्ण मान्यता, देश के छह पुराने एम्स में पहला संस्थान बना
1,457 अस्पताल बिस्तरों और सभी विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मिला प्रत्यायन, 23 सितंबर 2030 तक रहेगी मान्यता
सुरेन्द्र मिश्रा – 9425381277
भोपाल | जनकल्याण मेल।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को अस्पताल की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित मानकों पर खरा उतरने के लिए राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से पूर्ण प्रत्यायन की मान्यता मिली है। यह उपलब्धि संस्थान की उच्च गुणवत्ता, सुरक्षित और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के प्रथम चरण में स्थापित देश के छह एम्स में से एनएबीएच की पूर्ण मान्यता प्राप्त करने वाला एम्स भोपाल पहला संस्थान बन गया है। यह उपलब्धि अस्पताल की चिकित्सकीय सेवाओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और मरीज सुरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2030 तक मान्य रहेगा प्रत्यायन …
एम्स भोपाल को मिला यह प्रत्यायन 23 सितंबर 2030 तक प्रभावी रहेगा। इसके अंतर्गत संस्थान की सभी विशेषज्ञताओं एवं विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के कुल 1,457 अस्पताल बिस्तर शामिल हैं। आम मरीजों के लिए इसका अर्थ है कि अस्पताल की सेवाओं, व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का निर्धारित राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन किया गया है।
पांच वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने किया निरीक्षण
एम्स भोपाल ने जुलाई 2025 में एनएबीएच के साथ पंजीकरण कराया था। इसके बाद एनएबीएच के पांच वरिष्ठ एवं अनुभवी मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने संस्थान का भौतिक मूल्यांकन किया। इस दौरान अस्पताल के बुनियादी ढांचे, चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों और मरीजों की सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मूल्यांकन टीम ने विभिन्न विभागों के स्वास्थ्यकर्मियों से बातचीत करने के साथ ही अलग-अलग विशेषज्ञताओं और उनके अंतर्गत संचालित विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का भी निरीक्षण किया। निर्धारित मानकों एवं वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर अंक दिए गए। मूल्यांकन रिपोर्टों को स्वीकार किए जाने के बाद संस्थान को पूर्ण प्रत्यायन प्रदान किया गया।
सभी विभागों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम …
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) नरेन्द्र कोतवाल (एवीएसएम, एसएम, वीएसएम, सेवानिवृत्त) ने इस उपलब्धि पर पूरे एम्स भोपाल परिवार को बधाई दी। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत बनाने में संकाय सदस्यों, रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग कर्मियों, पैरामेडिकल पेशेवरों, प्रशासनिक टीमों और सहयोगी कर्मचारियों के समर्पण एवं टीम भावना की सराहना की।
प्रत्यायन की प्रक्रिया के दौरान संस्थान के सभी संबंधित विभागों ने अपनी कार्यप्रणालियों की व्यवस्थित समीक्षा की और उन्हें अधिक मजबूत एवं मानकीकृत बनाया। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में एकरूपता लाना, उपचार के परिणामों में सुधार करना तथा मरीजों के लिए अधिक सुरक्षित, कुशल और बेहतर वातावरण सुनिश्चित करना रहा।
गुणवत्ता और मरीज सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता …
एनएबीएच का पूर्ण प्रत्यायन एम्स भोपाल की स्वास्थ्य सेवा उत्कृष्टता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इससे संस्थान में गुणवत्ता, जवाबदेही और निरंतर सुधार की संस्कृति को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह मान्यता मरीजों की देखभाल, सुरक्षित उपचार और निर्धारित राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रति एम्स भोपाल की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है।





