डाकघरों में ‘सर्वर डाउन’ का संकट, उपभोक्ता हलकान घंटों इंतजार के बाद भी नहीं हो रहा काम

भोपाल के कई डाकघरों में सुबह से ठप रही ऑनलाइन व्यवस्था, जरूरी काम लेकर पहुंचे लोगों को लौटना पड़ा बैरंग; कर्मचारियों पर भी बढ़ रहा काम का दबाव

सुरेन्द्र मिश्रा..9425381277

भोपाल। जनकल्याण मेल।

डाक विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था पर तकनीकी खामी का असर अब सीधे आम उपभोक्ताओं पर पड़ता दिखाई दे रहा है। भोपाल के अनेक डाकघरों में आज सुबह से ही सर्वर डाउन रहने के कारण कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। जरूरी डाक, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री, पार्सल, बचत योजनाओं और अन्य बैंकिंग एवं डाक संबंधी काम लेकर पहुंचे उपभोक्ताओं को सर्वर चालू होने का इंतजार करना पड़ा। कई लोग काफी देर तक इंतजार करने के बाद बिना काम कराए ही वापस लौटने को मजबूर हुए।

डाकघर में लगी सेवा खिड़कियों पर ‘SERVER DOWN’ के बोर्ड लगाए जाने से उपभोक्ताओं की परेशानी साफ नजर आई। काम कराने के लिए पहुंचे लोगों का कहना है कि डाकघर जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा में यदि घंटों सर्वर ही नहीं चलेगा तो आम आदमी अपने जरूरी काम आखिर कैसे पूरा करेगा …?

एक-दो दिन नहीं, एक-दो सप्ताह से परेशानी का दावा …

नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर डाकघर से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि सर्वर संबंधी समस्या कोई नई बात नहीं है। पिछले एक-दो सप्ताह से बीच-बीच में ऐसी स्थिति बन रही है, जिसके कारण डाकघर का नियमित काम प्रभावित हो रहा है। कभी सर्वर धीमा चलता है तो कभी पूरी तरह बंद हो जाता है। इसका सीधा असर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों पर पड़ रहा है।

सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों को होती है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों से अपना काम कराने डाकघर पहुंचते हैं। उन्हें सर्वर शुरू होने की उम्मीद में काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। यदि समस्या का समाधान नहीं होता तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता है और दोबारा आने की मजबूरी बन जाती है।

खिड़की पर कर्मचारी मौजूद, लेकिन सिस्टम ने रोके हाथ …

मौके की तस्वीर डाकघर की कार्यप्रणाली की स्थिति को खुद बयां कर रही है। कर्मचारी अपनी-अपनी सेवा खिड़कियों पर मौजूद हैं, लेकिन कंप्यूटर सर्वर व्यवस्था बाधित होने के कारण उपभोक्ताओं का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। इससे कर्मचारियों के सामने भी असहज स्थिति पैदा हो रही है। ग्राहक काम के लिए पूछताछ करते हैं और कर्मचारी तकनीकी समस्या का हवाला देकर उन्हें इंतजार करने को मजबूर हैं।

एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण केंद्रों पर बार-बार सर्वर ठप होना व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

उपभोक्ताओं का सवाल —तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान कब..?

उपभोक्ताओं का कहना है कि तकनीकी खराबी कभी-कभार होना अलग बात है, लेकिन यदि एक-दो सप्ताह से लगातार सर्वर संबंधी परेशानी बनी हुई है, तो विभाग को इसकी स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। बार-बार सर्वर डाउन होने से न केवल उपभोक्ताओं का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि डाकघर का काम भी लंबित होता जा रहा है।

लोगों ने डाक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि भोपाल के डाकघरों में सर्वर व्यवस्था की तकनीकी समस्या की जांच कराकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से चक्कर न लगाने पड़ें।

डिजिटल सेवा’ के दौर में ऑफलाइन इंतजार …

डाक विभाग आज बैंकिंग, बचत, बीमा, स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री और पार्सल जैसी अनेक महत्वपूर्ण सेवाएं ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से संचालित करता है। ऐसे में सर्वर ठप होने का अर्थ है कि पूरी सेवा व्यवस्था की गति धीमी पड़ जाना। आज की स्थिति ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब पूरा सिस्टम ऑनलाइन है, तो तकनीकी बाधा आने पर उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं है…?

उपभोक्ताओं का कहना है कि विभाग को केवल सर्वर चालू होने का इंतजार कराने के बजाय ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे तकनीकी खराबी के बावजूद कम से कम जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

अब देखना यह है कि डाक विभाग इस लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए कब तक इसका स्थायी समाधान करता है।

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