झगराखाण्ड की धरती से मार्शल आर्ट्स को मिलेगी नई उड़ान

झगराखाण्ड की धरती से मार्शल आर्ट्स को मिलेगी नई उड़ान
गोपाल दास को छत्तीसगढ़ का चीता जीत कुने डो संघ का राज्य प्रमुख बनने का गौरव, एसईसीएल से कार्यालय व संरक्षण की मांग
मनेन्द्रगढ़/एमसीबी
झगराखाण्ड उपक्षेत्र हसदेव क्षेत्र एसईसीएल की धरती से मार्शल आर्ट्स और योग के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलते नजर आ रहे हैं। वर्षों से कराटे, जीत कुने डो एवं योग कला के माध्यम से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाएं तैयार करने वाले मास्टर गोपाल दास ने इन खेल विधाओं को संस्थागत संरक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल शुरू की है।
मास्टर गोपाल दास ने झगराखाण्ड उपक्षेत्र हसदेव क्षेत्र, एसईसीएल के उपक्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र सौंपकर मार्शल आर्ट्स खेल जीत कुने डो, कराटे एवं योग कला के संरक्षण, सहयोग तथा संघ के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग की है।
बताया गया कि मास्टर गोपाल दास विगत कई वर्षों से मार्शल आर्ट्स के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए अनेक राज्य स्तरीय एवं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को तैयार कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में विभिन्न खेल आयोजन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी जिम्मेदारी
मास्टर गोपाल दास की खेल क्षेत्र में योग्यता और अनुभव को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय चीता जीत कुने डो संघ के ग्रैंड मास्टर चीता याग्नेश शेट्टी द्वारा उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य का राज्य प्रमुख/प्रेसिडेंट नियुक्त किए जाने की बात सामने आई है। याग्नेश शेट्टी हिंदी सिनेमा जगत में एक्शन डायरेक्टर, अभिनेता एवं फिल्म निर्माता के रूप में भी जाने जाते हैं।
इस नियुक्ति को झगराखाण्ड उपक्षेत्र, हसदेव क्षेत्र एसईसीएल, एमसीबी जिले और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव की उपलब्धि बताया गया है।
प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की तैयारी
मास्टर गोपाल दास का कहना है कि यदि मार्शल आर्ट्स और योग के लिए उचित संरक्षण, प्रशिक्षण सुविधाएं तथा विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तो क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जा सकता है। साथ ही भविष्य में बड़े स्तर पर मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन भी संभव होगा।
इसी उद्देश्य से एसईसीएल प्रबंधन से मार्शल आर्ट्स खेल संघ को कार्यालय उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सहयोग एवं संरक्षण प्रदान करने का आग्रह किया गया है। अब देखना होगा कि क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को नई दिशा देने वाली इस पहल पर एसईसीएल प्रबंधन की ओर से क्या सकारात्मक कदम उठाया जाता है।





