संस्कार, आत्मबल और डिजिटल संतुलन से ही बनेगा बच्चों का उज्ज्वल भविष्य

“मोबाइल बाबा की जय” नाटक से बच्चों ने दिया डिजिटल डिटॉक्स का संदेश

भोपाल /जनकल्याण मेल/ ब्रह्माकुमारीज सुख शांति भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर, नीलबड़ में आयोजित आठ दिवसीय “प्रेरणा” रसमय समर कैंप का भव्य समापन समारोह हर्षोल्लास एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुआ। समापन अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक, नैतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों का मन मोह लिया।

समर कैंप के दौरान बच्चों को आत्मिक सशक्तिकरण, नैतिक मूल्यों, राजयोग मेडिटेशन एवं सकारात्मक जीवनशैली की शिक्षा दी गई। बच्चों को बताया गया कि मनुष्य की वास्तविक पहचान शरीर नहीं, बल्कि शांत, शक्तिशाली एवं चेतन आत्मा है तथा परमपिता परमात्मा हर परिस्थिति में सच्चे साथी एवं मार्गदर्शक हैं।

वरिष्ठ राजयोगिनी बीके आराधना दीदी ने कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में माता-पिता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बच्चे वही सीखते हैं जो वे घर के वातावरण में प्रतिदिन देखते और अनुभव करते हैं। यदि अभिभावक स्वयं शांत, संयमी एवं संस्कारवान जीवन जिएंगे, तो वही गुण बच्चों में स्वतः विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को केवल अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि भावनात्मक एवं आध्यात्मिक स्थिरता की भी आवश्यकता है।

कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत “पर्यावरण संरक्षण” विषयक नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने बढ़ती गर्मी, जल संकट एवं प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए जल, वायु एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लिया। बच्चों ने अपने प्रत्येक जन्मदिवस पर एक पौधा लगाने एवं उसके संरक्षण का प्रण भी लिया।

समारोह में प्रस्तुत हास्य एवं संदेशपूर्ण नाटक “मोबाइल बाबा की जय” ने डिजिटल डिटॉक्स का प्रभावी संदेश दिया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि अत्यधिक मोबाइल उपयोग बच्चों की एकाग्रता, अध्ययन, मानसिक स्वास्थ्य एवं पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करता है। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे सुबह उठने के बाद एक घंटे तक मोबाइल का उपयोग नहीं करेंगे तथा रात में सोने से एक घंटा पहले मोबाइल से दूरी बनाए रखेंगे।

बीके हेमा बहन ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का जीवन मानसिक दबाव, डिजिटल आकर्षण एवं मूल्यहीनता की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में आध्यात्मिक ज्ञान एवं नैतिक शिक्षा बच्चों को सही दिशा प्रदान करती है। उन्होंने बच्चों के आत्मविश्वास एवं मानसिक मजबूती पर विशेष बल दिया।

बीके सोनम बहन द्वारा सभी को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया गया, जिससे उपस्थित लोगों ने गहन शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। वहीं बीके खुशी बहन ने बच्चों एवं अभिभावकों को नशा मुक्ति की प्रेरणादायी प्रतिज्ञाएं दिलाईं। सभी ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के नशे एवं डिजिटल लत से दूर रहेंगे तथा समाज को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।

समापन अवसर पर सभी बच्चों को प्रसाद एवं आकर्षक उपहार वितरित किए गए। साथ ही घोषणा की गई कि प्रत्येक रविवार सायं 5 से 6 बजे तक सुख शांति भवन नीलबड़ में बच्चों के लिए नियमित संस्कार एवं मेडिटेशन क्लासेस आयोजित की जाएंगी।

कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन बीके डॉ. प्रियंका एवं बीके डॉ. देवयानी द्वारा किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, बच्चे एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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