इंडोनेशिया विमान हादसा: लापता हेलीकॉप्टर का मलबा मिला, 8 लोगों की मौत

 कालीमंतन 
इंडोनेशिया के पश्चिम कालीमंतन प्रांत से एक बेहद दुखद खबर आई है। पिछले कुछ समय से लापता एक निजी हेलीकॉप्टर का मलबा वीरवार यानि कि बीते दिन सुदूर और घने वन क्षेत्र में बरामद कर लिया गया है। इस दुर्घटना में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई है। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दल को शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं बचाव दल के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल नूर्रचमन गिंधा द्राधिज़्या ने बताया कि फिलहाल चार लोगों के शवों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है और उन्हें बॉडी बैग में रखा गया है जबकि तीन अन्य अभी भी हेलीकॉप्टर के मलबे के अंदर हैं।" शिन्हुआ के अनुसार, अंतिम पीड़ित की तलाश जारी है।

इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार हेलीकॉप्टर की पहचान पीटी मैथ्यू एयर एयरबस एच-130 (पीके-सीएफएक्स) के रूप में हुई है। शिन्हुआ ने उड़ान विवरण के हवाले से बताया कि हेलीकॉप्टर में आठ लोग सवार थे। शिन्हुआ के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और आज फिर से शुरू किया जाएगा।  

द्राधिज़्या ने आगे कहा, "हम कल सुबह भी बचाव कार्य जारी रखेंगे, जिसमें हेलिकॉप्टर के मलबे को काटकर अंदर फंसे शवों को निकालने के प्रयास भी शामिल हैं।" इससे पहले, इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस ने कहा था कि सेकाडाऊ के घने जंगलों में मलबा मिलने के बाद संयुक्त बचाव दल सक्रिय रूप से निकासी अभियान में जुट गए हैं।

इंडोनेशियाई वायु सेना के एक सुपर प्यूमा हेलिकॉप्टर ने वीरवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 3:25 बजे अंतिम ज्ञात संपर्क बिंदु से लगभग तीन किलोमीटर दूर मलबे (जिसे विमान की पूंछ का हिस्सा माना जा रहा है) को सबसे पहले देखा। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी (बासारनास) के संचालन एवं तैयारी उप प्रमुख एडी प्राकोसो ने कहा, "हवाई निगरानी से संभावित स्थान का पता चल गया है। हमने बचाव अभियान में सहायता के लिए ये निर्देशांक जमीनी इकाइयों को भेज दिए हैं।" 

वहीं स्थानीय निवासियों के सहयोग से जमीनी दल दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कठिन भूभाग और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इससे पहले बुकिट पुंतक क्षेत्र में एक विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी थी। बचाव अभियान जारी रहने के दौरान अधिकारियों ने बचाव कार्य में सहयोग के लिए पास के हुलु पेनीती गांव में एम्बुलेंस भी तैनात कर दी थीं।

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