भेरूंदा में सफाई व्यवस्था चरमराई, कॉलोनियों में गंदगी और जलभराव से बढ़ा बीमारी का खतरा

भेरूंदा [जनकल्याण मेल]
भेंरुंदा से विष्णु राठौर द्वारा …

नगर परिषद भेरूंदा की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। नगर की शास्त्री कॉलोनी और नीलकंठ रोड स्थित राधेश्याम कॉलोनी में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, जबकि नालियां गंदे पानी से लबालब भरी पड़ी हैं। कई दिनों से नियमित सफाई नहीं होने के कारण नालियों का पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय रहवासियों के अनुसार नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं। नालियों में जमा गंदे पानी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। कॉलोनियों में फैली बदबू और गंदगी से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
समस्या केवल नालियों तक सीमित नहीं है। कॉलोनियों के आसपास स्थित खाली प्लाटों में खुलेआम कचरा फेंका जा रहा है। घरेलू कचरे, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट के ढेर से आसपास का वातावरण दूषित हो गया है। बारिश या नालियों के ओवरफ्लो होने पर यही गंदगी सड़कों और घरों के आसपास फैल जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इन खाली प्लाटों की सफाई नहीं कराई गई।
इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नालियां जाम हैं और पूरे नगर में गंदा पानी बह रहा है, फिर भी नियमित सफाई नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी-कर्मचारी जनता की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि नालियों की समय पर सफाई, कचरे का नियमित उठाव और खाली प्लाटों में कचरा डालने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शीघ्र सफाई अभियान चलाकर नालियों की सफाई, कचरे का नियमित निस्तारण और खाली प्लाटों की सफाई कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। अब देखना यह है कि नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब कार्रवाई करते हैं और कॉलोनीवासियों को गंदगी व जलभराव से कब राहत मिलती है।





