श्री गंगा मैया दरबार में 51वें वर्ष में प्रवेश करेगा अखंड रामायण पाठ … मकर संक्रांति पर होगा शुभारंभ, तीन दिवसीय मेला भी आयोजित
सागर [जनकल्याण मेल]

चकराघाट स्थित लाखा बंजारा झील के किनारे विराजित श्री गंगा मैया के दरबार में विगत 50 वर्षों से प्रत्येक एकादशी को सम्पूर्ण विश्व में शांति, समृद्धि एवं सद्भाव की कामना हेतु हरि ॐ विश्व शांति संकीर्तन अभियान मंडल के भक्तों द्वारा श्री अखंड रामायण पाठ अनवरत रूप से किया जा रहा है। इस वर्ष षट्तिला एकादशी के अवसर पर यह पावन परंपरा अपने 51वें वर्ष में प्रवेश करेगी।
इस पुण्य परंपरा के दौरान रामायण पाठ करने वाले अनेक श्रद्धालु बुजुर्ग काल के गाल में समा चुके हैं। अभियान मंडल की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रार्थना की गई कि प्रभु श्रीराम उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।
इस वर्ष षट्तिला एकादशी मकर संक्रांति के दिन ही पड़ रही है। इस अवसर पर सभी रामायण पाठ करने वाले भक्त गंगा मैया के पावन जल में आत्मिक स्नान करेंगे। श्री अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ मकर संक्रांति के दिन प्रातः 8 बजे होगा, जो द्वादशी तक निरंतर चलेगा।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1938 से प्रतिवर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर श्री गंगा मैया के दरबार में विशाल मेला आयोजित होता आ रहा है। सागर नगर सहित दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु दर्शन हेतु यहां पहुंचते हैं। यह मेला लगातार तीन दिनों तक लगता है।
हरि ॐ विश्व शांति संकीर्तन अभियान मंडल के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने सभी श्रद्धालुओं से श्री रामायण पाठ में सहयोग करने की अपील की है। साथ ही मकर संक्रांति की रात्रि 8 बजे आयोजित श्री गंगा मैया की महाआरती एवं भजन-कीर्तन में सहभागी बनकर गंगा मैया के आत्मिक स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त करने का अनुरोध किया है।





