भक्ति-रस में सराबोर सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर, पुत्रदा एकादशी पर उमड़ा श्रद्धा का महासागर

सुरेन्द्र मिश्रा, चन्देरी वाले

भोपाल [जनकल्याण मेल] राजधानी भोपाल की बीडीए कॉलोनी घरौंदा स्थित सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर मंगलवार को मानो साक्षात भक्ति का धाम बन गया। पुत्रदा एकादशी के पावन पर्व पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धा, विश्वास और भक्तिरस की ऐसी अविरल धारा बही कि हर उपस्थित मन प्रभु पवनपुत्र हनुमान जी के चरणों में स्वतः नतमस्तक हो गया। दीपों की उजास, धूप-अगरबत्ती की दिव्य सुगंध और ढोलक-मंजीरे की मधुर लय के बीच गूंजते भजन पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरते रहे।

इस शुभ अवसर पर महिला मंडल द्वारा आयोजित भव्य भजन-संध्या में मातृशक्ति ने पूर्ण आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान का सुमिरन किया। भक्ति-भाव में डूबी महिलाओं के कंठ से निकले भजनों ने श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श कर लिया। पूजा राजपूत, सुषमा राजपूत, सरोज सिंह, ज्योति राजपूत, संध्या मिश्रा एवं उनकी पुत्रवधू पूजा मिश्रा सहित अनेक महिलाओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि श्रोता मंत्रमुग्ध होकर प्रभु स्मरण में लीन हो गए। ग्यारस व्रत का विधिवत पालन करते हुए महिलाओं ने पूरे श्रद्धाभाव से इष्ट देव श्री हनुमान जी को विविध भोग-प्रसाद अर्पित किया।

कार्यक्रम के दौरान हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ और श्रीराम धुन ने भक्तिरस को और अधिक गहन कर दिया। हर चौपाई, हर नामोच्चार के साथ वातावरण “जय बजरंगबली” के जयघोष से गुंजायमान होता रहा। भव्य आरती के समय जब दीप-थालियों की लौ लहराई, तो वह दृश्य अलौकिक प्रतीत हुआ। श्रद्धालुओं ने श्रीराम दरबार के चरणों में शीश नवाकर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया, हर चेहरे पर संतोष, शांति और दिव्य आनंद स्पष्ट झलक रहा था।

सायंकालीन बेला में पुरुष वर्ग द्वारा भी श्रद्धापूर्वक श्री हनुमान चालीसा, आरती एवं राम धुन का आयोजन किया गया। पूरे उत्साह और जयघोष के साथ वर्ष के अंतिम मंगलवार का भक्तिपूर्ण समापन हुआ। इस अवसर पर संतोष शुक्ला ने उपस्थित भक्तजनों को बाबा की ओर से आशीर्वाद प्रदान करते हुए नववर्ष 2026 के लिए मंगलकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि बाबा की कृपा से सभी स्वस्थ, आनंदित, प्रसन्नचित्त रहें और निरंतर हनुमान जी के दरबार में आकर अपने जीवन को पुण्य और सकारात्मकता से भरते रहें।

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर समिति द्वारा मंदिर प्रांगण में चार नई बैठने की बेंच स्थापित की गईं। भक्तजनों ने इस सराहनीय पहल की भूरी-भूरी प्रशंसा की। समिति ने स्पष्ट किया कि जन-सहयोग और दान से हर असंभव कार्य संभव हो जाता है और आगे भी भक्तों के सहयोग से ऐसे नवाचार निरंतर किए जाते रहेंगे, जिससे आमजन को सुविधा का लाभ मिलता रहे।

इस भव्य आयोजन में महिलाओं एवं पुरुषों द्वारा अपनी-अपनी श्रद्धा के अनुसार विविध प्रकार का प्रसाद लाया गया, जिसमें अनेक प्रकार के फल, गाजर का हलवा, चना-चिरौंजी, गुड़, मावा के पेड़े, साबूदाना की खिचड़ी सहित अनेक प्रकार के ब्यंजन सम्मिलित थे। भगवान को भोग अर्पित करने के उपरांत उपस्थित समस्त भक्तजनों को प्रेमपूर्वक प्रसाद वितरित किया गया, जिससे समूचा प्रांगण सेवा और सौहार्द की भावना से परिपूर्ण हो उठा।

अंत में मंदिर समिति ने सलैया क्षेत्र के हनुमान भक्तों से विनम्र आग्रह किया कि नववर्ष 2026 में इधर-उधर भटकने के बजाय सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर में आकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त करें, ताकि जीवन सुखमय, निरोगी, मंगलमय और भक्तिमय बना रहे।

निश्चय ही यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था, सेवा, सहयोग और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर श्रद्धालुओं के हृदय में चिरस्थायी स्मृति के रूप में अंकित हो गया।

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