षड्यंत्रपूर्वक पद का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार करने वाले बैंक अधिकारी एवं क्रेता को सजा

भोपाल [जनकल्याण मेल]।

विशेष लोक अभियोजक श्रीमती हेमलता कुशवाह ने बताया कि दिनांक 21 नवंबर 2025 को माननीय विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) के न्यायाधीश श्री मनोज कुमार सिंह द्वारा जिला सहकारी एवं ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े अधिकारियों एवं एक क्रेता को भ्रष्टाचार एवं धोखाधड़ी के गंभीर प्रकरण में दोषसिद्ध कर दंडित किया गया है।

न्यायालय ने विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, आर.एस. गर्ग, पुष्टीकर्ता अधिकारी हुकुमचंद सिंघाई (महाप्रबंधक) तथा क्रेता राजेन्द्र प्रसाद पाटीदार को धारा 420 सहपठित धारा 120-बी भादवि के अंतर्गत प्रत्येक को 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

इसके अतिरिक्त विक्रय अधिकारी हरिहर प्रसाद मिश्रा, आर.एस. गर्ग एवं पुष्टीकर्ता अधिकारी हुकुमचंद सिंघाई को धारा 13(1)(डी) सहपठित 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रत्येक धारा में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।

इस प्रकरण में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती हेमलता कुशवाहा द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

घटना का संक्षिप्त विवरण

प्रकरण के अनुसार ग्राम बरई, तहसील हुजूर, जिला भोपाल के आदिवासी कृषक नारायण सिंह द्वारा वर्ष 1989 में अपनी कृषि भूमि बंधक रखकर 18,000 रुपये का ऋण पंप एवं थ्रेसर के लिए लिया गया था। आरोपियों द्वारा षड्यंत्रपूर्वक पद का दुरुपयोग करते हुए कृषक की 4.50 एकड़ कृषि भूमि को दिनांक 29 मार्च 2000 को मात्र 1 लाख 10 हजार रुपये में क्रेता राजेन्द्र प्रसाद पाटीदार को नीलाम कर दिया गया।

नीलामी प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन करते हुए भूमि को बाजार मूल्य एवं कलेक्टर द्वारा निर्धारित मूल्य से अत्यंत कम दर पर अवैधानिक रूप से नीलाम किया गया। आरोपियों ने नीलामी से संबंधित कूटरचित दस्तावेज एवं नोटशीट तैयार कर संयुक्त पंजीयक, सहकारी संस्थाएं भोपाल को भेजी, जहां से अवैधानिक रूप से नीलामी की पुष्टि का आदेश पारित कराया गया।

उक्त लिखित शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच कर अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, दस्तावेज एवं लिखित तर्कों से सहमत होते हुए सभी आरोपियों को दोषी ठहराकर दंडित किया।

 

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