तृतीय नेशनल लोक अदालत में 1480 प्रकरणों का निराकरण, 7.45 करोड़ रुपये का अवार्ड पारित

अशोकनगर [जनकल्याण मेल] जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला न्यायालय अशोकनगर के तत्वावधान में शनिवार 13 दिसंबर 2025 को वर्ष 2025 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 1480 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 7,45,37,971 रुपये (सात करोड़ पैंतालीस लाख सैंतीस हजार नौ सौ इकहत्तर रुपये) की राशि का अवार्ड पारित किया गया।
प्रातः 10:30 बजे जिला न्यायालय परिसर में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री सतीश चन्द्र शर्मा, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री केशव मणि सिंघल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री मनीष अनुरागी एवं अभिभाषक संघ के अध्यक्ष श्री चन्द्रशेखर साहू द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री सतीश चन्द्र शर्मा ने नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने तथा पक्षकारों को अधिकतम लाभ पहुंचाने हेतु सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, बैंक, विद्युत, बीएसएनएल एवं नगरपालिका विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों, आपराधिक मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों का समझौते के आधार पर त्वरित एवं प्रभावी निराकरण नेशनल लोक अदालत के माध्यम से संभव है, जिससे न्यायालयीन प्रक्रिया सरल होती है और जनकल्याण सुनिश्चित होता है।
तृतीय नेशनल लोक अदालत में कुल 15 न्यायालयीन खंडपीठों के माध्यम से 379 न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण किया गया। इनमें 116 आपराधिक, 4 क्लेम, 39 विद्युत, धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के 102, 31 सिविल, 61 अन्य न्यायालयीन, 26 वैवाहिक प्रकरण शामिल रहे। साथ ही 781 प्रीलिटिगेशन स्तर के मामलों का भी निपटारा किया गया। कुल 1101 प्रकरणों में 7.45 करोड़ रुपये का अवार्ड पारित हुआ।
कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री केशवमणि सिंघल, जिला न्यायाधीश श्री संजीव सिंघल, श्री प्रकाश केरकेट्टा, श्री उपदेश कुमार राठौर, श्री राकेश कुमार पाटीदार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती किरण तूमराची धुर्वे सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, लीगल एड डिफेंस काउंसल, अभियोजन अधिकारी, अधिवक्ता, पत्रकार, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पक्षकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे





