रेलवे अधिकारियों की नकारात्मक टिप्पणी के कारण अशोकनगर से रेलों का संचालन मे आयेगी बड़ी वाधायें…

गुना शिवपुरी क्षेत्र के सांसद एवं केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की गहन पहल से होगा काम ...

सुरेन्द्र मिश्रा भोपाल [जनकल्याण मेल]

अशोकनगर से विभिन्न ट्रेनों के संचालन एवं वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चलाए जाने के लिए जो पत्र क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के द्वारा रेल मंत्री भारत सरकार अश्विनी वैष्णव को लिखे गए थे उस पर पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर के परिचालन विभाग के उप मुख्य परिचालन प्रबंधक कोचिंग नवनीत राज के द्वारा जो टिप्पणियां प्रमुख कार्यकारी निदेशक कोचिंग रेलवे बोर्ड रेल मंत्रालय नई दिल्ली को भेजी गई है, इन नकारात्मक टिप्पणियों के कारण अशोकनगर से ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा है। 

चंदेरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ योगेश मिश्रा ने इन्हीं पत्रों की जानकारी के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत रेलवे बोर्ड रेल मंत्रालय को आवेदन भेजा था जिसके जवाब में ईमेल के माध्यम से जो जानकारी रेलवे बोर्ड के द्वारा भेजी गई है उसमें पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर के परिचालन विभाग द्वारा भेजी गई टिप्पणियां संलग्न की गई है, इनके अध्ययन से यह स्पष्ट हो गया है कि, जबलपुर मुख्यालय के द्वारा जो नकारात्मक टिप्पणियां की गई हैं,इनके कारण अशोक नगर से इंदौर, जबलपुर, कोटा तथा कोटा सिरसा एक्सप्रेस ट्रेन एवं छकडा पैसेंजर ट्रेन के चार चक्कर चलाया जाना संभव नहीं हो पा रहा है। 

जो नकारात्मक टिप्पणियां पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा की गई है, उसमें इंदौर जबलपुर ट्रेन के परिचालन को कम यात्री संख्या होने के कारण रद्द किया जाना उल्लेखित किया है और जिन दो ट्रेनों नर्मदा एक्सप्रेस और ओवरनाइट एक्सप्रेस का हवाला देकर पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर ने यह लिखा है कि यात्री इनका लाभ ले सकते हैं, तो यह ट्रेन भोपाल से गुजरती है इनका अशोकनगर से कोई संबंध नहीं है, इस तरह इंदौर जबलपुर ट्रेन जिसकी मांग की जा रही है उसे नकारात्मक टिप्पणी के चलते प्रारंभ नहीं किया जा रहा है। 

इसी प्रकार कोटा जबलपुर से जो चलती थी उसके संबंध में कम यातायात अनुमान के कारण इस ट्रेन को रद्द करना तथा कोटा एवं जबलपुर में अनुरक्षण की व्यवस्था न होने के कारण इसे पुनः चलाए जाने में पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर द्वारा असमर्थता जताई गई है, इस नकारात्मक टिप्पणी के कारण ही कोटा जबलपुर ट्रेन का परिचालन संभव नहीं हो पा रहा है। 

बीना गुना पैसेंजर ट्रेन जिसे अब बीना रुठियाई कर दिया गया है उसके चार चक्कर लगाए जाने के संबंध में पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर ने दोपहर 12:45 से 3:45 के बीच बीना गुना खंड पर ‘ब्लॉक कॉरिडोर’ होने एवं सुरक्षात्मक दृष्टि से समय अभाव के कारण चार चक्कर चलाई जाने में असमर्थता व्यक्त की है और इस प्रकार की नकारात्मक टिप्पणी होने के कारण ट्रेन नंबर 61611 तथा ट्रेन नंबर 61612 के चार चक्कर लगाए जाने में असमर्थता व्यक्त की गई है।

ट्रेन नंबर 19707, 19808,19813 एवं 19814 कोटा सिरसा एक्सप्रेस ट्रेन को बीना जंक्शन तक बढ़ाई जाने की जो मांग रखी गई थी उसके संबंध में पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर के परिचालन विभाग द्वारा बीना में ‘पिटलाइन’ न होने एवं बीना में प्रारंभिक अनुरक्षण कार्य की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण कोटा सिरसा एक्सप्रेस ट्रेन को बीना जंक्शन तक बढ़ाए जाने में असमर्थता व्यक्त की है। कोटा से बीना के बीच ट्रेन के समय के संबंध में भी नकारात्मक टिप्पणी करते हुए जो पत्र रेलवे बोर्ड को भेजा है इसके कारण इस ट्रेन का बीना जंक्शन तक बढ़ाया जाना संभव नहीं हो पा रहा है ।

वहीं अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर पिटलाइन न होने के कारण ट्रेनों के परिचालन के संबंध में भी नकारात्मक टिप्पणी की गई है यह सभी नकारात्मक टिप्पणियां अशोकनगर से ट्रेनों के परिचालन में कठिनाई उत्पन्न कर रही हैं। 

बीना नागदा ट्रेन के समय परिवर्तन के संबंध में भी नकारात्मक टिप्पणी करते हुए यह अवगत कराया गया है कि इस ट्रेन के समय बदलाव करने से यात्रियों के हित प्रभावित होंगे और यह भी लेख किया गया है कि बीना नागदा के बीच 12 जोड़ी ट्रैनें परिचालन में है, जबकि इतनी ट्रेनों का परिचालन बीना नागदा सेक्शन पर नहीं है।

उज्जैनी एक्सप्रेस जिसका रूट बदल दिया गया था, इसके मार्ग को पुनः गुना अशोकनगर से किए जाने के संबंध में भी पश्चिम मध्य रेलवे के द्वारा नकारात्मक टिप्पणी की गई है और यह अवगत कराया गया है कि, इसका मार्ग परिवर्तित किया जाना संभव नहीं है,इससे यात्रियों के हित प्रभावित होंगे, परंतु रेलवे यह भूल गया कि,अशोकनगर जिले के यात्रियों का जो अहित मार्ग परिवर्तित करके रेल विभाग ने किया है उनके हितों का संरक्षण कौन करेगा।

वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के संबंध में यह टिप्पणी की गई है कि रेलवे बोर्ड रेल मंत्रालय यदि वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को अशोकनगर गुना शिवपुरी से परिचालन करने के लिए आदेश जारी करता है तो इस संबंध में विचार किया जाएगा।

यदि ऐसे ही नकारात्मक टिप्पणियां की जाती रही तो अशोक नगर जिले से विभिन्न ट्रेनों का संचालन नहीं हो पाएगा और गुना शिवपुरी अशोकनगर संसदीय क्षेत्र ट्रेनों के परिचालन में, जो अभी तक पिछड़ा हुआ है इसे नई ट्रेन प्राप्त नहीं हो पाएंगीं जिससे छेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया का संसदीय क्षेत्र ट्रेनों से अभावग्रस्त रहेगा और यहां की जनता कितनी भी मांग कर ले उसकी मांगे कभी पूरी नहीं हो पाएंगीं।

क्योंकि रेल विभाग के अधिकारी इस संसदीय क्षेत्र के साथ यदि ऐसी ही नकारात्मक टिप्पणियां करते रहे तो किसी भी ट्रेन का संचालन अशोक नगर जिले से होना संभव नहीं हो पाएगा।

अब यह देखना होगा कि सांसद एवं केंद्रीय मंत्री सिंधिया इस पर क्या कदम उठाते हैं और अशोकनगर से ट्रेनों के संचालन कराने में कितनी व्यापक एवं अहम भूमिका अदा करते हैं।

चंदेरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ योगेश मिश्रा ने यह भी अवगत कराया है कि जो नकारात्मक टिप्पणियां पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय जबलपुर द्वारा की गई है इसके संबंध में एक विस्तृत पत्र व्यवहार क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी को कर दिया गया है और उनके आधिकारिक ईमेल पर भी प्रेषित किया है। उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत करा दिया है कि, कैसे रेलवे के अधिकारी संसदीय क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं, जिससे संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर जिले से ट्रेन नहीं चल पा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button