“बिरसा मुंडा का जीवन साहस, सत्य-निष्ठा और सामाजिक न्याय का प्रतीक- डॉ अरुण सक्सेना”
जनजाति गौरव दिवस पर बिरसा मुंडा जयंती का भव्य समारोह

नरसिंहगढ़ (जनकल्याण मेल)15 नवंबर 2025 को जनजाति गौरव दिवस के उपलक्ष्य में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई गई। लर्निंग टेम्पल स्कूल में आयोजित इस कार्यक्रम में जंप के प्रदेश अध्यक्ष *डॉ. अरुण सक्सेना* मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
श्री गुरु जी सेवा समिति, कुरावर के तत्वावधान में आयोजित समारोह की अध्यक्षता परिषद के विकासखंड समाज में खजान सिंह ठाकुर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, जिसके बाद विभिन्न वक्ताओं ने उनके जीवन और भारतीय इतिहास में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अरुण सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा, “बिरसा मुंडा का जीवन साहस, सत्य‑निष्ठा और सामाजिक न्याय का प्रतीक है। हमें उनके द्वारा किए गए संघर्षों को अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में अपनाना चाहिए।” उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे बिरसा मुंडा के चरित्र से सीखें और उनके आदर्शों को दैनिक जीवन में लागू करें।
समारोह में स्कूली बच्चों ने बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित नाटक, कविताएँ और गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में स्कूल में बाल मेले का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों ने विभिन्न व्यंजनों की दुकानें लगाईं। उपस्थित अतिथियों ने इस मेले का अवलोकन किया और बच्चों के उत्साह की सराहना की।
इस अवसर पर जंप के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना के साथ प्रांतीय कोषाध्यक्ष श्याम निगम, नपाध्यक्ष प्रतिनिधि बालाप्रसाद चंद्रवंशी, अनोखीलाल कोटिया, बनवारी लाल कलमोदिया, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज मेवाडे, हिंदू टाइगर फोर्स के प्रदेश अध्यक्ष भारतसिंह मीणा, सुनील सक्सेना, आनंद वर्मा, नंदकिशोर जायसवाल, हरिओम मीना, ओम जोशी, विनोद सक्सेना, दीपक सक्सेना, अनिल चंद्रवंशी, निक्कू शिवहरे, धर्मेंद्र चंद्रवंशी तथा स्कूल का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
यह आयोजन केवल एक स्थानीय समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जा रहे जनजाति गौरव दिवस की श्रृंखला का हिस्सा है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता भाग ले रहे हैं ¹।
कार्यक्रम का संचालन परामर्शदाता हरिओम जाटव ने किया और आभार प्रदर्शन श्री गुरु जी सेवा समिति के अध्यक्ष सुनील राज ने किया। यह कार्यक्रम जनजाति गौरव को नई पीढ़ी में जीवंत रखने का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया।





