आधा गांव डर के साए में पलायन कर चुका, नेता-अफसर पहुंचे तो फूटा दर्द, अब तक तीन गिरफ्तार …

गुना से सुमित जैन …
गुना [जनकल्याण मेल] जिले के फतेहगढ़ थानांतर्गत ग्राम गणेशपुरा में किसान रामस्वरूप धाकड़ की भाजपा नेता द्वारा थार कार से कुचलकर हत्या और उसकी बेटियों पर हुए अमानवीय हमले की घटना के बाद गांव का भयावह सच अब पूरे प्रदेश के सामने खुलकर आ गया है। तीन दिनों तक गांव में पसरी खामोशी, टूटे घरों की दहशती हालत और महिलाओं-युवाओं की कांपती आवाज़ों ने यह साफ कर दिया कि यह केवल एक जमीनी विवाद नहीं था, बल्कि गांव में सालों से पनपे आतंक के साम्राज्य का विस्फोट था, जिसने अंतत: एक किसान की जान और कई परिवारों की जीवंत सुरक्षा छीन ली। घटना के तीसरे दिन गांव पहुंचने वाले पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राघौगढ़ विधायक एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयवर्धन सिंह, बमोरी विधायक ऋषि अग्रवाल, प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रदुम्मन सिंह तोमर, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, आईजी अरविंद सक्सेना, संभागायुक्त मनोज खत्री, कलेक्टर किशोर कन्याल और एसपी अंकित सोनी सहित पूरा प्रशासन जहाँ पीडि़त परिवार से मिला, वहीं ग्रामीणों ने नेताओं और अधिकारियों के सामने आरोपी परिवार के आतंक की परतें खोल दीं। गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी महेंद्र नागर और उसका परिवार सालों से पूरे क्षेत्र में दबंगई, जमीन कब्जाने, अवैध शराब-गांजा कारोबार और मप्र-राजस्थान सीमा को पीछे धकेलकर सरकारी जमीन हड़पने तक के संगठित अपराधों में शामिल रहा। दहशत ऐसे थी कि आधे गांव ने अपनी जमीन बेचकर गांव छोड़ दिया। कई वर्षों से यह आतंक चलता रहा, पर शासन-प्रशासन के स्तर पर दबाव और डर के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्लेखनीय है कि भाजपा का बूथ अध्यक्ष महेन्द्र नागर का राजनीतिक रसूख था। उसके भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ अब फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं।
सिंधिया आकर देखे उनके नाम कैसे कार्यकर्ता दहशत फैला रहे हैं- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह
इस मौके पर गणेशपुरा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने किसान की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा करते हुए इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले सभी दोषियों को फांसी की सजा की मांग की। इस मौकेपर उन्होंने पीडि़त परिवार से मुलाकात कर सहानुभूति प्रकट करते हुए सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि यह राज्य में कानून-व्यवस्था की लचर स्थिति को दशार्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह असफल रहे हैं। इस मौके पर श्री सिंह के साथ बातचीत में ग्रामीणों और परिजनों ने बताया कि आरोपी परिवार की पूरे गांव में दहशत है। उनका आतंक का आलम यह है कि आधा गांव अपने जमीनों को औने-पौने दाम पर बेचकर भाग रहे हैं। यहीं नहीं आरोपियों ने राजस्थान बॉर्डर पर लगे मप्र के पहचान पोल को पीछे धाकेलकर मप्र की जमीन को राजस्थान में कर लिया।यहां वह अवैध गांजा, शराब का काम करते हैं और गांव की एक किराना दुकान से धड़ल्ले बेच रहे थे। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि मैं केंद्रीय मंत्री सिंधिया से मांग करता हॅंू कि वह स्वयं यहां आकर देखे कि उनके नाम पर भाजपा कार्यकर्ता कैसी दहशत फैला रहे हैं। क्षेत्र में जो अराजकता का माहौल है वह सिंधिया के संज्ञान में होना चाहिए।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारी होंगे सस्पेंड- ऊर्जा मंत्री तोमर
इधर गणेशपुरा पहुंचे ऊर्जा मंत्री प्रदुम्मन सिंह तोमर ने बताया कि गणेशपुरा में मृतक परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। उन्होंने बताया कि पीडि़त परिवार को चार लाख रुपए की सहायता राशि दी गई है। अभी तक तीन आरोपी गिरफ्तार किए चुके हैं। प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तत्काल इस घटना पर संज्ञान लिया। केंद्रीय मंत्री सिंधिया जी ने संज्ञान लिया। परिजनों से भेंट की है। हमारी सरकार अन्याय और अत्याचार के खिलाफ है। सरकार द्वारा कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उसके परिणाम अब जल्द दिखेंगे। प्रथम दृष्टया जिन अधिकारियों ने लापरवाही बरती है उन्हें सस्पेंड करने के निर्देश संभागायुक्त-आईजी एवं कलेक्टर-एसपी को दिए हैं। पीडि़त परिवार और बच्चियों से मैं मिला लूं। संभागीय स्तर से लेकर जिला के अधिकारी खड़े हैं।
मप्र-राजस्थान के अधिकारियों के साथ लगाएं गांव में समस्या निवारण कैंप-संभागायुक्त खत्री
वहीं संभागायुक्त मनोज खत्री ने बताया कि हम लोगों को प्रयास है जो भी सहायता परिजनों, बच्चों को दी जा सकती है वह दी जाए। आर्थिक सहायता की कार्रवाई की गई है। मृतक रामस्वरूप नागर की पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है उन्हें न्यूरो संबंधी दिक्कत है। उनके अच्छे ईलाज का प्रयास हमारा रहेगा। उनके भाई से भी बात की है। हमारे साथ प्रदेश शासन के मंत्री प्रदुम्मन सिंह तोमर भी आए हैं। उनके द्वारा भी पीडि़त परिवार से चर्चा की है। हमारी कोशिश है कि पीडि़त परिवार से जो भी इश्यू है उसे दूर किया जाए। उक्त गणेशपुरा गांव का कुछ हिस्सा राजस्थान से लगा है। हमारी कोशिश है कि गुना और बारां राजस्थान के अधिकारियों के साथ मिलकर कैंप लगाकर अतिक्रमण सहित अन्य समस्याओं का निराकरण करेंगे। इस दौरान यहां वन विभाग, अतिक्रमण, बिजली कंपनी संबंधी समस्याएं हैं। पीडि़त परिवार के साथ शासन है, जो बेहतर से बेहतर होगा वो करेंगे।
मप्र-राजस्थान की 8 टीमें दे रही दबिश, जल्द गिरफ्त में होगे आरोपी- आईजी
इस मौके पर आईजी अरविंद सक्सेना ने बताया कि निश्चित रूप से यह दुखद घटना है। जिसमें फरियादी पक्ष से बात की है और घटना स्थल का भी मौका मुआयना किया है। एफआईआर के पश्चात 14 में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गणेशपुरा गांव सरहद का गांव है। इसलिए मप्र और राजस्थान की ज्वाईंट आठ पुलिस टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं। हमारी पूरी कोशिश है पूरे आरोपी शीघ्र से शीघ्र पकड़े जाए। मैंने परिवार को विश्वास दिलाया है कि उन्हें पूर्ण रूप से सुरक्षा यहां दी जाएगी। पुलिस लगातार यहां पर्याप्त संख्या में तैनात रहेगी। किसी भी असामाजिक तत्व को चाहे वो किसी भी संस्था से जुड़ा हो उसे नहीं बख्या जाएगा। हमारी कोशिश है कि गांव में पूर्ण रूप से शांति रहे और लोग सुरक्षित महसूस करें। मैंने पीडि़त परिवार और गांव के लोगों के साथ अपना नंबर शेयर किया है। हम सुरक्षा के लिए 24 घंटे प्रतिबद्ध हैं। आवेदक द्वारा आठ दिन पूर्व दिए गए आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने इस संबंध में एसपी को जांच के निर्देश दिए हैं।
मृतक मदद मांग रहा था लेकिन लोग सामने नहीं आए-कलेक्टर
वहीं कलेक्टर किशोर कन्याल के अनुसार हम मृतक परिवार और गांव वालों से मिलने आए हैं।इस दौरान कुछ अन्य समस्याएं सामने आई है। इसके लिए जल्द शिविर लगाएंगे। जिले में पहले से ही मोबाईल कोर्ट के माध्यम से अतिक्रमण संंबंधी समस्याओं को निपटारा किया जा रहा है। रिस्पान्सरशिफ योजना के तहत बच्चों को 18 साल तक शिक्षा दिलाएंगे। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। चूंकि बॉर्डर जिले का मामला है। इसलिए दोनों जिले के अधिकारी आपस में तालमेल बनाकर काम करेंगे। मैंने भी बारां कलेक्टर से चर्चा की है। यह बड़ा संवेदनशील है कि मृतक लोगों से काफी देर तक मदद की गुहार लगा रहा था। लेकिन कोई सामने नहीं आया। बच्चियों की भी काउंसिलिंग कराएंगे।
विवाद राजस्थान की 6 बीघा जमीन का
दरअसल जिस जमीन को लेकर यह पूरा विवाद है, वह राजस्थान की है। बारां जिले के नाहर गढ़ थाना इलाके के पचलावडा गांव में मृतक रामस्वरूप नागर के मामा पप्पू नागर की छह बीघा जमीन है। आरोप है कि कुछ समय पहले आरोपियों (जो पचलावडा के ही रहने वाले हैं) ने मामा को शराब पिलाकर 70 हजार रुपए में जमीन का गिरवी नामा लिखवा लिया, लेकिन केवल 22 हजार रुपए ही दिए। हालांकि, खेती रामस्वरूप ही करते रहे, जिस कारण विवाद चल रहा था।
किसान सभा ने सौंपा ज्ञापन, एसआईटी गठित करने और 50 लाख के मुआवजे की मांग
गणेशपुरा गांव में किसान रामस्वरूप धाकड़ की हत्या के मामले में बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों तथा सामाजिक संगठनों ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि 26 अक्टूबर को गांव में बीजेपी के पूर्व बूथ अध्यक्ष महेंद्र नागर ने अपने 13-14 साथियों के साथ मिलकर पहले किसान रामस्वरूप धाकड़ पर लाठियों, डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया, इसके बाद उन्हें अपनी थार जीप से कई बार कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के दौरान मृतक की बेटी एवं भतीजी के साथ मारपीट कर उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और परिवार को घायल को अस्पताल ले जाने से भी रोका गया। आरोपियों द्वारा हवाई फायरिंग कर पूरे क्षेत्र में दहशत फैलाने की बात भी कही गई है। किसान संगठन ने बताया कि महेंद्र नागर पर पहले भी दबंगई, भूमि कब्जे और बिजली चोरी जैसे कई मामले दर्ज हैं, जिनकी वजह से आसपास के लगभग 25 किसान अपनी जमीन छोडक़र पलायन कर चुके हैं। किसान सभा ने मांग की कि मुख्य आरोपी महेंद्र नागर सहित सभी आरोपियों पर हत्या, महिलाओं पर अत्याचार, आपराधिक साजिश और हथियार अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करते हुए तत्काल गिरफ्तारी की जाए और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु एक विशेष जांच दल गठित किया जाए। वहीं मृतक परिवार को 50 लाख का मुआवजा एवं एक सदस्य को शासकीय नौकरी की मांग की।
बीजेपी ने नागर को पार्टी से किया तत्काल प्रभाव से निष्कासित
मामले में आनन-फानन में भाजपा संगठन ने भी कार्रवाई की है। जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह सिकरवार ने बूथ अध्यक्ष महेंद्र नागर को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि महेंद्र नागर द्वारा पारिवारिक विवाद में किया गया आपराधिक कृत्य संगठन की मर्यादा, सभ्यता और दायित्वों के प्रतिकूल है। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर उन्हें संगठन से बाहर किया गया।पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश अध्यक्ष हेमन्त खण्डेलवाल, संगठन महामंत्री हितानन्द शर्मा, संभाग प्रभारी विजय दुबे और प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल को भी प्रेषित की गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अपराध और हिंसा में लिप्त किसी व्यक्ति को संगठन में स्थान नहीं दिया जाएगा।





