भव्य कलश यात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा

गुना [जनकल्याण मेल] श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर पुराना आरटीओ कार्यालय प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। यह यात्रा प्रात: 9:30 बजे जयस्तंभ चौराहा स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से प्रारंभ हुई और भक्तों की विशाल सहभागिता के साथ कथा स्थल तक पहुँची। कलश यात्रा में महिलाएँ पारंपरिक परिधान और सिर पर सुशोभित कलश धारण कर उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुईं। यात्रा में ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत की धुनों ने माहौल को भक्ति-रस से सराबोर कर दिया। श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन करते हुए यात्रा में शामिल हुए, जिससे नगर में भक्ति की अद्भुत झलक देखने को मिली। इसके पूर्व सुबह जयस्तंभ चौराहा मंदिर से पूजा-अर्चना पश्चात कलशयात्रा शुरू हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा में महिलाएं अपने सिर पर कलश रखकर चल रहीं थीं। वहीं मुख्य यजमान श्रीमद् भागवत ग्रंथ को अपने सिर पर रखकर चल रहे थे। कलशयात्रा में कथा व्यास श्रवण भार्गव महाराज भी बग्गी में बैठकर निकले।
श्रीमद्भागवत कथा का व्यासपीठ पूजन एवं भागवत महात्म्य पाठ कथा के प्रारंभिक दिन के मुख्य आकर्षण रहे। व्यासपीठ पर संगीत रसिक पं. श्रवण भार्गव ने भागवत महात्म्य का सुंदर वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के महत्व और कल्याणकारी प्रभावों के विषय में बताया। कथा का दूसरे दिन सोमवार को परिक्षित संवाद, शुकदेव आगमन, और हिरण्याक्ष वध की कथा के साथ मनाया जाएगा। इसके बाद कपिल अवतार, ध्रुव चरित्र, वामन अवतार, श्री राम और श्री कृष्ण जन्मोत्सव, श्रीकृष्ण बाललीला, वृंदावन लीला, गोवर्धन लीला, गोपियों की प्रेम कथा, महारास, रुक्मणि विवाह, श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र एवं परिक्षित मोक्ष जैसे प्रसंगों का वर्णन क्रमश: प्रतिदिन दोपहर 1 से 5 बजे तक किया जाएगा। कथा के समापन दिवस 25 जनवरी को परिक्षित मोक्ष कथा, पुराण पूजन, एवं कथा विश्राम संपन्न होगा। कथा के दौरान श्रद्धालुओं को भक्ति रस और आध्यात्मिक ज्ञान का अद्भुत अनुभव होगा।

 

 

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