शिशु मंदिर के मंच पर सजा लोकमाता अहिल्याबाई का राज दरबार …

वार्षिक उत्सव में 400 बच्चों ने दिखाई अपनी प्रतिभा

कालापीपल (जनकल्याण मेल) विद्या भारती मालवा के निर्देशानुसार लोकमाता अहिल्याबाई के जन्म के त्रि-शताब्दी वर्ष में सरस्वती विद्या मंदिर में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक घनश्याम चंद्रवंशी, मुख्य वक्ता विद्या भारती मालवा प्रांत नगरीय शिक्षा के प्रांत संयोजक पंकज पंवार, अध्यक्षता कमल सिंह परमार, विशेष अतिथि विभाग समन्वयक सुरेंद्र जोशी,व्यवस्थापक गोवर्धन सिंह पाटीदार व प्राचार्य प्रवीण देशपांडे रहे।
आयोजित कार्यक्रम में शिशु पूर्वार्द्ध से कक्षा सातवीं तक 400 विद्यार्थियों ने देशभक्ति व भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर जमकर तालियाँ बटोरी।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पंकज पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि बालकों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सरस्वती विद्या मंदिर में संस्कार और संस्कृति से जुड़े विभिन्न प्रकार के आयोजन वर्ष भर होते रहते हैं। इसी कड़ी में वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें बालकों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को समाज के सामने उजागर करना हमारा प्रमुख उद्देश्य है। पारिवारिक वातावरण ही संस्कार निर्माण की प्रथम पाठशाला है। मोबाइल संस्कृति हमारी संस्कृति को बिगाड़ रही है आज बच्चे एकाकी हो गए हैं हम जैसा देखते हैं वैसा ही आदर्श प्रस्तुत करते हैं ।
विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने का काम करते हैं, हमें अपने बालक के अंदर छुपी प्रतिभाओं को परख कर उसे उस दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। हर बालक में कोई ना कोई प्रतिभा छुपी होती है, हमें उन्हें नौकरशाही के बजाय नौकरी देने वाला बने ऐसा प्रयास करना चाहिए। साथ ही बालकों को मोबाइल से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में भी बताया।
आयोजित रंगमंचीय कार्यक्रम की शुरुआत में सरस्वती वंदना पर नृत्य की प्रस्तुति दी गई । साथ ही राजमाता अहिल्याबाई होलकर के सुशासन व न्यायप्रियता को लेकर लघु नाटिका का मंचन किया गया। तो वही कृष्ण लीला में प्रमुख रूप से कृष्ण जन्म, पूतना वध, कालिया नाग देह व गोवर्धन पूजा का शानदार मंचन किया गया। हमारी संस्कृति हमारे त्योहार को लेकर देश की संस्कृति बताता नृत्य प्रस्तुत किया गया। वही नरसिंह अवतार के प्रसंग को लेकर लघु नाटिका में होलिका दहन, नरसिंह अवतार का शानदार मंचन किया गया। साथ ही बूंद- बूंद पानी को सहेजने के लिए पानी बचाओ गीत पर नृत्य के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश दिया गया। करो योग रहो निरोग की थीम पर आधारित योग की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन कर स्वस्थ रहने का मंत्र दिया। वही अयोध्या में भगवान श्री राम के प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर राम आएंगे व हनुमान चालीसा का पाठ पर आधारित भजन पर बच्चों द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई । आयोजन के अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम का संयुक्त संचालन कीर्ति नारोलिया, भाविशा शर्मा,अर्पिता चंदेल,शिवांगी गुप्ता, मुस्कान मेवाड़ा,आराध्या राजपूत, हिमांशी विश्वकर्मा द्वारा किया गया आभार प्राचार्य प्रवीण देशपांडे ने माना।

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