हजारों युवाओं के प्रेरणास्रोत थे भाजपा नेता रविन्द्र ,चार आरोपी पूर्व माह मे भी आत्महत्या मामले में बने थे आरोपी …

भाजपा नेता, एक पत्रकार, दो ठेकेदार, दो व्यापारी, एक महिला समेत एक आरोपी के खिलाफ रविन्द्र देशमुख को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पर मामला हुआ दर्ज

गजेंद्र सोनी
सारणी [जनकल्याण मेल] शहर में सोमवार को हाइप्रोफाइल मामला घटित हुआ। जिसकी गूंज शहर से जिले और प्रदेश तक जाकर गूंजी। फिर क्या था पुलिस ने दूसरे ही दिन मामले को गंभीरता से लेकर 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। घटा मामला नगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष और पत्रकार रविन्द्र देशमुख से जुड़ा हुआ था। मामले में देशमुख ने की आत्महत्या के बाद से शहर के राजनैतिक, सामाजिक और व्यापारिक सभी गलियारों में सन्नाटा सा छाया हुआ है। रविन्द्र देशमुख की मौत स्थानीय लोगों के गले नही उतर पा रही है। क्योंकि रविन्द्र शहर के अधिकांशतः युवाओं से लेकर पौढ व्यक्तियों के बीच खास स्थान रखते थे। गौरतलब है कि सोमवार सुबह करीब 8 बजे घर में लोगों के मौजूद न होने के बाद बेडरूम में टरविन्द्र देशमुख ने खुद अपनी कंपटी पर पिस्टल से गोली चलाकर जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इस घटना की सूचना के तुरंत बाद टीआई अरविंद कुमरे एवं चौकी प्रभारी वंशज श्रीवास्तव टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे थे। वहां रविन्द्र का शव लहूलुहान स्थिति में मिला, पास मे एक पिस्टल पड़ी हुई थी। मृतक के कान के ऊपर से खून बहता हुआ देखा गया। पुलिस को शव की जांच के दौरान मृतक की पैंट की पीछे की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था।                                       ये दस लोग रविन्द्र को आत्महत्या के लिए उकसा रहे थे …
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सुसाइड नोट में रविन्द्र देशमुख ने भाजपा नेता रंजीत सिंह, प्रकाश शिवहरे, दीपक शिवहरे, प्रमोद गुप्ता, अभिषेक साहू, मो. नसीम रजा, शमीम रजा, नाजिया बानो, करण सूर्यवंशी, भोला सिंह उर्फ रामनारायण सिंह को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सुसाइड नोट में विस्तार से लिखा गया है कि उपरोक्त व्यक्तियों ने पैसों के लिए मानसिक प्रताड़ना दी और समाज में छवि खराब करने की धमकी देकर दबाव बनाया। विदित हो कि पूर्व माह अनिल खवसे आत्महत्या में मो. नसीम रजा, शमीम रजा, नाजिया बानो और अभिषेक साहू पहले भी आरोपी बन चुके हैं।
शहर में शानदार छवि वाले भाजपा नेता थे रविन्द्र …
अभी तक लोग रविन्द्र देशमुख ने आत्महत्या को लेकर उठाएं कदम पर विश्वास करने को राजी नही हैं। लोगों का मानना है कि रविन्द्र काफी सुलझे व समझदार व्यक्ति थे। हमेशा उनसे जुड़े लोगों के लिए कुशल मार्गदर्शक भी साबित होते थे। उनकी रणनीतियां सदैव सटीक व प्रभावशाली तरीके से काम करती थी। उनको जानने वाले बताते हैं कि रविन्द्र ने चार-पांच सालों के भीतर ही राजनैतिक, सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्रों में कई सारी उपलब्धियां हासिल कर अपना नाम काफी ऊचाईयां तक पहुंचा दिया था। वही पूरे नगर में हजारों से ज्यादा युवा वर्ग रविन्द्र को अपना आदर्श मनाते थे। ऐसे में रविन्द्र के प्रतिद्वंद्वि सदैव उन्हें किसी न किसी तरीके से पिछाड़ने का भरकस प्रयास करते थे।
एक्सपर्ट की टीमों ने घंटों तक जांच कर जुटाएं साक्ष्य …
बैतूल एसपी निश्चल झारिया ने घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल को सुरक्षित रखने और फोरेंसिक टीम द्वारा जांच करवाने के निर्देश दिए। फोरेंसिक एक्सपर्ट ऋषिकेश यादव नर्मदापुरम और बैतूल एफएसएल/ फिंगरप्रिंट प्रभारी निरीक्षक आबिद अंसारी ने मौके पर पहुंचकर सूक्ष्मता से निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए। अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रोशन जैन, टीआई अरविंद कुमरे और चौकी प्रभारी पाथाखेड़ा वंशज श्रीवास्तव की उपस्थिति में शव का पंचनामा किया गया और फोरेंसिक टीम द्वारा शव का निरीक्षण किया गया।
इनका कहना है –
मृतक रविन्द्र देशमुख ने छोड़े सुसाइड नोट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 444/24 धारा 108, 3(5) बी.एन.एस. का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
अरविंद कुमार कुमरे
थाना प्रभारी, सारणी।

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