राजयोग भवन में चैतन्य स्वरूप देवियों को किया गया सम्मानित.

भोपाल [जनकल्याण मेल] प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन भोपाल में नवरात्रि के अवसर पर प्रथम दिवस सेन्टर में समर्पित बहनों को चैतन्य देवियों के रूप में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नवरात्रि पर्व का आध्यात्मिक रहस्य स्पष्ट करते हुए ब्रह्माकुमार दीपेंद्र भाई ने कहा कि वास्तव में नवरात्रि पर्व श्राद्ध पक्ष के पश्चात मनाया जाता है इससे हम समझ सकते हैं कि श्राद्ध पक्ष में हम पुर्वजों को याद करते हैं और उनके सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं वास्तव में पूर्वजों का स्मरण करने से तात्पर्य यह है कि हम अपने पुराने स्वभाव संस्कार जो हमें दुखी करते उनको तिलांजलि दे और नवरात्रि से तात्पर्य है कि हम अपने जीवन में नव संस्कारों को धारण करें। उसके लिए हमें शक्ति की आवश्यकता होती है जो राजयोग के अभ्यास से हमारे अंदर आती है। क्लास में उपस्थित धारणा मूर्त माताओं ने बहनों को तिलक लगाकर ताज पट्टे पहना कर सम्मानित किया गया ।





