51 कुंडीय यज्ञ एवं श्रीराम कथा का संकल्प लेकर द्वारकाधीश के नागेश्वर ज्योतिर्लिंग पहुंचेंगे पं. शिवकुमार महाराज

सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा… 9425381277

भोपाल। जनकल्याण मेल।

सनातन धर्म की आस्था, श्रद्धा और भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पिपरा आश्रम के पं. शिवकुमार महाराज जी ने भारत के पवित्र बारह ज्योतिर्लिंगों में 51 कुंडीय यज्ञ एवं श्रीराम कथा के आयोजन का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अंतर्गत अब तक विभिन्न ज्योतिर्लिंगों पर धार्मिक अनुष्ठानों और रामकथा का आयोजन किया जा चुका है।

महाराज जी के संकल्प की प्रथम कड़ी उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग से प्रारंभ हुई। इसके बाद द्वितीय श्रीराम कथा काशी विश्वनाथ धाम, बनारस, तृतीय कथा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तथा चतुर्थ श्रीराम कथा का भव्य आयोजन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग में किया गया।

अब इस आध्यात्मिक यात्रा की पंचम कड़ी द्वारकाधीश धाम स्थित श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग में आयोजित होने जा रही है। दिसंबर 2026 में प्रस्तावित इस पावन आयोजन को लेकर पं. शिवकुमार महाराज जी भोपाल पधारे।

भोपाल में हुआ भावपूर्ण स्वागत-अभिनंदन …

भोपाल प्रवास के दौरान केनाल किंगशिप में निवासरत पं. अजय पाठक, पं सुरेन्द्र मिश्रा एवं बृज बिहारी गुप्ता ने पं. शिवकुमार महाराज जी का आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें श्रीफल भेंट कर, पुष्पमाला पहनाकर एवं श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया गया।

महाराज जी ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए आगामी नागेश्वर ज्योतिर्लिंग श्रीराम कथा एवं 51 कुंडीय यज्ञ में शामिल होने का स्नेहपूर्ण आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और प्रभु श्रीराम की भक्ति, यज्ञ एवं कथा के माध्यम से सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाना ही इस संकल्प का उद्देश्य है।

इस अवसर पर महाराज जी के परम भक्त बादाम सिंह तथा भोपाल निवासी महेंद्र सिंह यादव भी उपस्थित रहे।

ज्योतिर्लिंगों की यात्रा के साथ धर्म और भक्ति का संदेश 

पं. शिवकुमार महाराज जी का यह संकल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान शिव की उपासना, श्रीराम की मर्यादा और सनातन संस्कृति के मूल्यों को समाज तक पहुंचाने का आध्यात्मिक अभियान है। उज्जैन से प्रारंभ हुई यह यात्रा काशी, ओंकारेश्वर और सोमनाथ होते हुए अब नागेश्वर ज्योतिर्लिंग तक पहुंच रही है।

श्रद्धालुओं के लिए दिसंबर 26 में होने वाला यह आयोजन शिवभक्ति, रामकथा, यज्ञ और आध्यात्मिक साधना का अनुपम संगम बनने की उम्मीद है। महाराज जी ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस पुण्य अवसर पर सहभागी बनने का आह्वान किया है।

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