अमरोल में 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत कथा 11 से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं राष्ट्र-जनकल्याण की कामना को समर्पित सात दिवसीय धार्मिक आयोजन
सुरेन्द्र मिश्रा…
भोपाल। जनकल्याण मेल।

“संत समागम हरि कथा, तुलसी दुर्लभ दोय। सुत दारा अरु लक्ष्मी, पापी के भी होय॥” की भावना के साथ ग्राम अमरोल, जिला ग्वालियर में 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ एवं श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 11 से 17 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजन में संत समाज के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, कथा एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे।

आयोजकों के अनुसार यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में उनकी दीर्घायु तथा राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना के साथ किया जा रहा है। आयोजन को विकसित भारत@2047 के विजन एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है।
संतों के सान्निध्य में होगा आयोजन ….
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीश्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी वैराग्यानंद गिरि महाराज “मिर्ची बाबा” करेंगे। वहीं श्रीमद् देवी भागवत कथा का वाचन कथा व्यास श्रीश्री 1008 महामंडलेश्वर साध्वी अंजनी देवानंद गिरि महाराज द्वारा किया जाएगा।
सात दिवसीय कथा के दौरान श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार, सेवा, त्याग, सदाचार एवं परोपकार का संदेश दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि धार्मिक आयोजन को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखते हुए समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
धर्म के साथ सामाजिक सरोकार पर जोर …
“मिर्ची बाबा” के अनुसार सनातन परंपरा में यज्ञ को लोककल्याण और सामूहिक प्रार्थना का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया है। इसी भावना के साथ आयोजन को सामाजिक एवं परोपकारी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक धार्मिक एकत्रीकरण के माध्यम से जरूरतमंदों की सहायता, सेवा, सामाजिक सद्भाव और जनजागरण का संदेश भी दिया जाएगा।
आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं एवं नागरिकों से सात दिवसीय आयोजन में सहभागी बनने तथा संत समागम एवं श्रीमद् देवी भागवत कथा का श्रवण कर लोककल्याण की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया है।





