बीडीए कॉलोनी घरौंदा में‘जय-जय श्री कृष्ण कथा’ के जयघोष के साथ निकली कलश यात्रा, श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ
झंडा चौक स्थित सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर पर भगवान श्री कृष्ण जी की आरती उतार, साधू संत ओर महापुरुषों का किया अभिवादन। व्यास पीठ से आचार्य श्री मोहित जी भार्गव ने श्री महापुराण की महिमा का किया उदगान...

पं.सुरेन्द्र मिश्रा द्वारा
भोपाल।जनकल्याण मेल।

“जय-जय कृष्ण कथा, जय-जय कृष्ण कथा, इसे सुनकर मिट जाती व्यथा…” जैसे भक्तिमय जयघोष, शंखध्वनि और मंगल गीतों से मंगलवार को बीडीए कॉलोनी, घरौंदा का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा। जागो जन समाज कल्याण समिति (काली सेना) के तत्वावधान में नवीन गौशाला निर्माण के पुण्य संकल्प के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सप्ताह एवं ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ।

कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब …
भव्य कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पारंपरिक परिधानों में मंगल गीत गाते हुए सहभागिता की। शोभायात्रा में श्रीमद्भागवत कथा ग्रंथ के साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भी शामिल रही। दो सुसज्जित बग्गियों में संत-महापुरुष विराजमान रहे। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे मार्ग में जय श्रीकृष्ण और धार्मिक जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।कलश यात्रा सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर से प्रारंभ होकर प्यारेलाल खण्डेलवाल आवासीय परिसर, बीडीए कॉलोनी के एबीसी सेक्टर होते हुए झंडा चौक स्थित सूक्ष्म रूप हनुमान मंदिर पहुंची। यहां पं. सुरेन्द्र मिश्रा एवं श्रीमती संध्या मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण तथा श्रीमद्भागवत कथा ग्रंथ का तिलक कर विधिवत पूजन-अर्चन एवं आरती की।

इस अवसर पर भगत सिंह जाट, पं. रमेश भार्गव एवं पं. संजय दुबे ने भगवान श्रीकृष्ण की आरती की। बग्गियों में विराजमान संत-महापुरुषों का तिलक कर श्रीफल भेंट करते हुए श्रद्धापूर्वक अभिनंदन किया गया। इसके बाद भक्तिमय जयघोष के साथ शोभायात्रा पुनः सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर परिसर पहुंची, जहां कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ।
‘श्रीमद्भागवत भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात शब्द स्वरूप’…
व्यास पीठ पर विराजमान परम श्रद्धेय आचार्य श्री मोहित जी भार्गव, शिक्षा शास्त्री एवं ज्योतिषाचार्य, साईंखेड़ा ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान वेदव्यास ने अनेक पुराणों की रचना करने के बाद भी जब अपने मन में पूर्ण शांति का अनुभव नहीं किया, तब उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण की रचना की।

उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत ऐसा दिव्य ग्रंथ है जो मोक्ष का मार्ग दिखाता है, पितरों के उद्धार की भावना से जोड़ता है और मनुष्य के जीवन की दिशा बदलने की क्षमता रखता है। यह केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात शब्द स्वरूप है।
आचार्य श्री भार्गव ने कहा कि सिंहवाहिनी माता रानी की कृपा और क्षेत्र के देवी-देवताओं के आशीर्वाद से यह दिव्य ग्रंथ आज श्रद्धालुओं के बीच प्रस्तुत हुआ है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत के मूल स्वरूप, उसके आध्यात्मिक संदेश और जीवन में उसके महत्व को समझने का अवसर मिलेगा।
‘भक्त एक कदम बढ़ाता है तो भगवान 60 कदम आगे आते हैं’….
आचार्य श्री मोहित जी भार्गव ने कहा कि भगवान का स्वभाव ही भक्तों पर कृपा करना है। संतों और विद्वानों के मुख से सुना है कि “जो भगवान की ओर एक पग बढ़ाता है, भगवान उसकी ओर 60 पग बढ़कर उसे अपने पास खींच लेते हैं।”
उन्होंने भागवत कथा के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं समिति सदस्यों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा के लिए बढ़ाया गया छोटा-सा कदम भी भगवान की कृपा का माध्यम बन जाता है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे कथा के सातों दिनों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, श्रीमद्भागवत के मर्म को समझें, उसके सार को अपने जीवन में उतारें और अपने परिवार एवं समाज के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करें।
भागवत कथा केवल श्रवण नहीं, जीवन परिवर्तन का माध्यम…
धर्मसभा में कहा गया कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल कथा सुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह सत्य, भक्ति, प्रेम, करुणा, सदाचार और ईश्वर के प्रति समर्पण का मार्ग दिखाने वाला ज्ञान यज्ञ है।
कथा श्रवण मनुष्य को सांसारिक चिंताओं और व्यथाओं से ऊपर उठाकर प्रभु के चरणों में समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
इस दौरान भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं के बीच भावपूर्ण पंक्तियां गूंजती रहीं …
“श्री राम दया करके मुझको अपना लेना,
श्री कृष्ण दया करके अपने चरणों में जगह देना।”
गौसेवा के संकल्प से जुड़ा है भागवत कथा आयोजन – जागो जन समाज कल्याण समिति (काली सेना) ने इस आयोजन को केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे गौसेवा और समाजसेवा के संकल्प से जोड़ा है।
समिति का उद्देश्य भोपाल शहर में लावारिस घूम रहे गौवंश के लिए एक सुंदर, सुरक्षित एवं व्यवस्थित गौशाला का निर्माण करना है। इसी पुण्य संकल्प को साकार करने के लिए श्रीमद्भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया है।
समिति ने श्रद्धालुओं और समाज के लोगों से गौशाला निर्माण के इस पुनीत कार्य में तन-मन-धन से सहयोग करने की अपील की है।
4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, 7 सितंबर को पूर्णाहुति और भंडारा …
श्रीमद्भागवत कथा का वाचन परम श्रद्धेय आचार्य श्री मोहित जी भार्गव (शिक्षा शास्त्री एवं ज्योतिषाचार्य), साईंखेड़ा द्वारा किया जा रहा है।
कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा।
आयोजन के अंतर्गत:
4 सितंबर – श्रीकृष्ण जन्मोत्सव/जन्माष्टमी महोत्सव
7 सितंबर – श्रीमद्भागवत कथा की पूर्णाहुति एवं भंडारा का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाएगा।
स्थान: सिंहवाहिनी दुर्गा मंदिर, बीडीए कॉलोनी, सलैया, भोपाल।
संत-महापुरुषों और धर्मप्रेमियों की रही सहभागिता …
कलश यात्रा एवं कथा शुभारंभ अवसर पर स्वामी अनिलानंद जी महाराज, विमल दास जी महाराज, नीलानंद महाराज, पं. सुमित भार्गव, सुश्री उमा भार्गव, धीरज भूमिहर, श्रीमती प्रियंका राय, दीपक झा, कमलेश चौकसे, सरस्वती चौकसे, पूजा राजपूत, नंदा शर्मा, रीता, निशा सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
॥ जय श्रीकृष्ण ॥
॥ राधे-राधे ॥





