फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर नौकरी का झांसा, 9.80 लाख की ठगी में दो गिरफ्तार
सुरेन्द्र मिश्रा 9425381277

चंदेरी। जनकल्याण मेल। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 9 लाख 80 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में चंदेरी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को सरकारी विभागों का अधिकारी बताकर फरियादियों को विश्वास में लिया और नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, चंदेरी निवासी जयकुमार कोली एवं विजय कुमार दुबे की शिकायत पर थाना चंदेरी में प्रकरण दर्ज किया गया था। शिकायत में बताया गया कि 7 अप्रैल 2025 को तृप्ति सिंह राजपूत, उनके भाई सुधांशु सिंह तथा साथी तनुज वैश्य एवं अंजली सिंह चंदेरी आए थे और किला कोठी में ठहरे थे।
आरोप है कि तृप्ति सिंह ने स्वयं को मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर फरियादियों पर प्रभाव जमाया। इसके बाद आरोपियों ने सरकारी नौकरी लगवाने और अच्छा वेतन दिलाने का झांसा दिया। उन्होंने स्वयं को मानव संसाधन विकास मंत्रालय में कार्यरत अधिकारी बताया। तृप्ति सिंह ने सुधांशु सिंह को अपना भाई बताकर फरियादियों का विश्वास हासिल किया।
नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये प्रति व्यक्ति की मांग की गई। फरियादियों से अलग-अलग माध्यमों से कुल 9 लाख 80 हजार रुपये नकद लेने के साथ आवश्यक दस्तावेज भी प्राप्त किए गए। बाद में दो लाख रुपये और देने की बात कही गई।
शिकायत के आधार पर थाना चंदेरी में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अशोकनगर राजीव कुमार मिश्रा के निर्देशन में पुलिस टीम ने तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने तृप्ति सिंह के साथ उसके साथी सुनील सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे तनुज वैश्य एवं अंजली सिंह की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी तो नहीं की है।
पुलिस की आमजन से अपील …
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं को सरकारी अधिकारी अथवा किसी प्रतिष्ठित संस्था का अधिकारी बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये की मांग करता है, तो बिना सत्यापन के किसी भी प्रकार का भुगतान न करें। ऐसे मामलों में तत्काल नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देकर संभावित ठगी से बचा जा सकता है।





