20 दिन में चीनी ₹20 महंगी, कीमत पहुंची ₹65 किलो! रक्षाबंधन से पहले बढ़े दाम

भोपाल

सावन का पावन महीना जारी है. इसी के साथ त्योहारों का आगमम भी हो गया है. रक्षाबंधन, गणपति, कृष्ण जन्माष्टमी, करवाचौथ से लेकर दिवाली तक… सभी घरों में अब मिठाइयां और मीठे पकवान बनने शुरू ही होने वाले थे कि शक्कर के दाम बढ़ गए. दिल्ली से लेकर मध्य प्रदेश में भी अब चीनी ने आम जनता के घर की मिठास फीकी कर दी है. दरअसल, बीते 20 दिन में चीनी के दाम 20 रुपये के करीब बढ़ चुके हैं. अब दुकानों पर आपको शक्कर 65 रुपये प्रति किलो मिला करेगी. त्योहारों के शुरू होने से पहले मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह खबर बड़े झटके की तरह आई है। 

चाय की चुस्की से लेकर त्योहार की मिठाइयों तक को मिठास देने वाली शक्कर अब महंगी हो गई है. ना तो व्यापारी इसके पीछे की असल वजह को समझ पा रहे हैं और ना ही ग्राहक. बढ़ी हुई कीमतों का असर निश्चित तौर पर चीनी से बनने वाली सभी चीजों पर भी पड़ेगा। 

एमपी के पोहा-जलेबी पर पड़ेगा असर
मध्य प्रदेश में रोज के नाश्ते में पोहा-जलेबी सबसे लोकप्रिय है. इसे राज्य का जायका माना जाता है, लेकिन जिस तरह से शक्कर की कीमत लगातार बढ़ रही है, ऐसा लगता है कि पोहे की प्लेट से जलेबी गायब हो जाएगी और पोहा अकेला रह जाएगा. इसी तरह मावा बाटी और गुलाब जामुन जो मध्य प्रदेश के मालवा अंचल का जायका है, इसकी कीमतों पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। 

दिल्ली में भी लगातार बढ़ रहे चीनी के दाम
इसके अलावा, दिल्ली में भी चीनी के दाम 65 रुपये किलो हो गए हैं. ग्राहक तो परेशान हैं ही, साथ ही दुकानदार भी परेशान दिख रहे हैं. उनसे जब पूछा गया कि ऐसा क्यों हो रहा है तो वह भी वजह नहीं बता पा रहे। 

परसों 50, कल 60, आज 65 रुपये हुए दाम!
इसके अलावा, मिठाईवालों से जब एबीपी न्यूज ने बात की तो उन्होंने बताया कि चीनी के साथ अब मिठाई भी महंगी होगी. परसों तक 50 रुपये किलो चीनी खरीदी थी. आज 65 रुपये किलो खरीद रहे हैं. जाहिर है मिठाई महंगी होगी ही. सात दिन बाद राखी का त्योहार है. लोग मिठाई कम लेंगे. पहले चीनी का कट्टा 4500 रुपये का था, अब 100 किलो चीनी दो हजार रुपये बढ़ चुकी है। 

'पेट्रोल बनाने के लिए खप रहा गन्ना'
दिल्ली के एक दुकानदार ने बताया कि आज भी चीनी का दाम बढ़ा है. रोज़ ही दो-दो रुपये दाम बढ़ रहा है. जब थोक में लेने जाते हैं तो ये बोला जा रहा है कि इससे पेट्रोल बन रहा है इसलिए चीनी महंगी है. ये सबसे टॉप क्वालिटी है जिसकी कीमत कल 60 रुपये थी और आज से 65 रुपये की बेचने की सोच रहे हैं. रिटेल के लिए रेट बढ़ाना मुश्किल होता है. रोज़ माल महंगा होगा तो ग्राहक आना बंद कर देंगे. दुकानदारों का कोई प्रॉफिट मार्जिन नहीं बच रहा है। 

वहीं, एक महिला ग्राहक ने बताया कि चीनी लगातार महंगी हो रही है. हम लोग फिर भी मैनेज कर लेंगे लेकिन गरीब लोगों पर इसका ज्यादा असर है. यह गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए। 

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