जहां ‘स्त्री’ की गूंज सुनाई देती है: रात में मशालों संग चंदेरी की रहस्यमयी गलियों का रोमांच
मुंबई से पहुंचीं युवतियों की टोली ने फिल्मी लोकेशन और ऐतिहासिक जनश्रुतियों के बीच बिताई यादगार रात पर्यटकों का दिल हुआ गदगद

सुरेन्द्र मिश्रा – 9425381277
चंदेरी / जनकल्याण मेल / ऐतिहासिक पर्यटन नगरी चंदेरी एक बार फिर अपने अनोखे पर्यटन आकर्षण के कारण सुर्खियों में है। जिस चंदेरी की गलियों और प्राचीन दरवाजों ने चर्चित हिंदी फिल्म स्त्री को रहस्यमयी पहचान दी थी, उन्हीं गलियों को करीब से देखने के लिए मुंबई से युवतियों का एक दल चंदेरी पहुंचा। दिनभर ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन करने के बाद पर्यटकों ने रात के अंधेरे में मशालों की रोशनी के बीच आयोजित विशेष “घोस्ट वॉक” में भाग लेकर रोमांच और रहस्य से भरा अनुभव प्राप्त किया।

मुंबई से आए पर्यटकों ने चंदेरी दुर्ग, जौहर स्मारक, खूनी दरवाजा, हवा महल, कोशक महल, बादल महल तथा प्राचीन मंदिरों और महलों का भ्रमण कर नगर की गौरवशाली विरासत को जाना। लेकिन उनके आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र वे गलियां और ऐतिहासिक स्थल रहे, जहां फिल्म स्त्री के कई चर्चित दृश्य फिल्माए गए थे।
रात्रि में मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के गाइड कल्ले भाई के नेतृत्व में मशालों के साथ घोस्ट वॉक का आयोजन किया गया। यह रोमांचक यात्रा खूनी दरवाजा से शुरू होकर नरसिंह मंदिर, फूलबाग, राजा-रानी महल, पुरानी तहसील, सदर बाजार, पाटी गली और ढोलिया दरवाजा तक पहुंची। रास्ते में पर्यटकों को उन स्थानों से परिचित कराया गया, जहां फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग हुई है तथा जिनसे जुड़ी अनेक लोककथाएं और जनश्रुतियां आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
मशालों की टिमटिमाती रोशनी, सन्नाटे से भरी ऐतिहासिक गलियां, सदियों पुराने भवनों की परछाइयां और ‘स्त्री’ फिल्म से जुड़ी यादों ने पूरे वातावरण को रोमांचक बना दिया। युवतियों ने बताया कि जिन गलियों में पर्दे पर भूत-प्रेत और रहस्यमयी घटनाएं दिखाई गई थीं, उन्हें वास्तविक रूप में देखना बेहद रोचक और रोमांचकारी अनुभव रहा।

पर्यटकों ने कहा कि चंदेरी का यह रात्रिकालीन भ्रमण केवल इतिहास की यात्रा नहीं, बल्कि रहस्य, रोमांच और सिनेमा के अद्भुत संगम का अनुभव है। उन्हें ऐसा महसूस हुआ मानो वे किसी सस्पेंस और थ्रिलर फिल्म का हिस्सा बन गए हों।
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार ऐतिहासिक धरोहरों, फिल्म पर्यटन और स्थानीय लोककथाओं को जोड़कर विकसित किए जा रहे ऐसे नवाचार चंदेरी को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में नई पहचान दिला रहे हैं। यही कारण है कि अब देशभर से पर्यटक केवल चंदेरी का इतिहास देखने नहीं, बल्कि उसकी रहस्यमयी और फिल्मी दुनिया को महसूस करने भी पहुंच रहे हैं।





