चरनोई भूमि पर कब्जे के आरोपों से गरमाया कटारियाखेड़ी …
“कटारियाखेड़ी की शासकीय चरनोई भूमि पर कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश। निर्विंध्या महाविद्यालय संचालक के खिलाफ तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने और सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराने की मांग।” तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता

सुरेन्द्र मिश्रा – 9425381277
भोपाल / जनकल्याण मेल / राजगढ़ जिले की ब्यावरा तहसील के ग्राम पंचायत कटारियाखेड़ी में शासकीय चरनोई एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया है। ग्रामीणों ने तहसीलदार ब्यावरा को ज्ञापन सौंपकर निर्विंध्या महाविद्यालय के संचालक पर सार्वजनिक शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती करने का आरोप लगाया है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
ग्रामीण प्रतिनिधि देवीसिंह सोंधिया द्वारा दी गई शिकायत में कहा गया है कि ग्राम कटारियाखेड़ी के सर्वे नंबर 2/1/2/2 एवं 2/1/2/1 की शासकीय भूमि, जो वर्षों से चरनोई और सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित रही है, उस पर कथित रूप से निजी कब्जा कर लिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे पशुपालकों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार उक्त भूमि पर जाने या पशु चराने का प्रयास करने पर लोगों को रोका जाता है। शिकायत में विरोध करने वालों को कथित रूप से डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए गए हैं, जिससे गांव में असंतोष और भय का वातावरण बनने की बात कही गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विवाद को आपसी स्तर पर सुलझाने के प्रयास किए गए, लेकिन कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। इसके चलते अब प्रशासन से हस्तक्षेप कर राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सीमांकन कराने और वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि यदि जांच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार उसे हटाकर भूमि को पुनः सार्वजनिक उपयोग के लिए मुक्त कराया जाए। साथ ही ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
क्षेत्र में इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर लगाए हुए हैं।





