30 साल पुराना हेलीकॉप्टर उड़ा रहा पर्यटन की उड़ान, यात्रियों ने उठाए सवाल

मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री मोहन यादव तत्काल प्रभाव से लें संज्ञान.! पर्यटन के इस आनंद में पुराना उड़न खटोला क्यों...?

सुरेन्द्र मिश्रा की विशेष रिपोर्ट****

चंदेरी/जनकल्याण मेल/ प्रधानमंत्री श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा के तहत भोपाल–चंदेरी–ओरछा रूट पर शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा जहां एक ओर क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा देने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर अब यह सेवा गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। यात्रियों और पर्यटकों ने हेलीकॉप्टर की गुणवत्ता, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चिंता जताई है।

फोटो में सामने आई सच्चाई

चंदेरी हेलीपैड पर उतरे हेलीकॉप्टर की पहचान प्लेट (Identification Plate) की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं—

सीरियल नंबर: 52159

निर्माण स्थान: मिराबेल, कनाडा

निर्माण तिथि: जनवरी 1996

मॉडल: बेल कंपनी का (Bell 206L-4 सीरीज)

यानी वर्तमान में संचालित यह हेलीकॉप्टर लगभग 30 वर्ष पुराना है। फोटो में “पवन हंस लिमिटेड” का नाम और रजिस्ट्रेशन VT-PHE स्पष्ट अंकित है, जिससे पुष्टि होती है कि यह हेलीकॉप्टर सरकारी कंपनी के बेड़े का हिस्सा है।

सरकारी कंपनी, लेकिन सुविधा नदारद

पवन हंस लिमिटेड, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत भारत सरकार का उपक्रम है और दक्षिण एशिया की प्रमुख हेलीकॉप्टर सेवा प्रदाता कंपनी मानी जाती है, उसके हेलीकॉप्टर से यह सेवा संचालित हो रही है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि—

हेलीकॉप्टर में एयर कंडीशनिंग (AC) सुविधा नहीं है

वर्तमान में तापमान 40°C से ऊपर है

यात्रियों को यात्रा के दौरान गर्मी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है

किराए पर लिया गया पुराना हेलीकॉप्टर

जानकारी के अनुसार, इस सेवा का संचालन कर रही कंपनी जेट सर्व एविएशन ने अपनी सहायक कंपनी फ्लाई ओला के आधुनिक हेलीकॉप्टर उपलब्ध होने के बावजूद, पवन हंस से यह पुराना हेलीकॉप्टर सिर्फ 3 माह के लिए किराए पर लिया है।

इससे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जब आधुनिक विकल्प उपलब्ध हैं, तो यात्रियों को पुरानी तकनीक क्यों परोसी जा रही है …?

यात्रियों की बढ़ती नाराजगी में गर्मी और उमस के साथ डर का अहसास…

19, 22 और 23 अप्रैल 2026 को इस सेवा का उपयोग करने वाले यात्रियों ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की….

हेलीकॉप्टर पुराना महसूस होता है

अंदर अत्यधिक गर्मी रहती है

“प्रीमियम पर्यटन सेवा” जैसी कोई अनुभूति नहीं मिलती

भव्य शुभारंभ, लेकिन संचालन पर सवाल

इस सेवा का शुभारंभ 19 अप्रैल 2026 को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया था। इससे क्षेत्र में पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद जगी थी।

लेकिन कुछ ही दिनों में—

सुविधा के नाम पर समझौता …

पुरानी मशीनों का उपयोग …

इन उम्मीदों पर पानी फेरता नजर आ रहा है।

जनता और पर्यटकों की स्पष्ट मांग…

चंदेरी, ओरछा और आसपास के क्षेत्रों के लोगों व पर्यटकों ने प्रशासन और कंपनी से मांग की है—

नया और आधुनिक हेलीकॉप्टर लगाया जाए

वातानुकूलित (AC) सुविधा अनिवार्य की जाए

सेवा को प्रीमियम और आरामदायक अनुभव बनाया जाए

प्रशासन और कंपनी के सामने बड़ा सवाल

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

क्या पर्यटन बढ़ाने के नाम पर पुरानी और असुविधाजनक सेवाएं ही दी जाएंगी …?

या फिर सरकार और संबंधित कंपनी तुरंत संज्ञान लेकर यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक और आरामदायक सेवा उपलब्ध कराएंगी …?

स्पष्ट है कि आधुनिक दौर में यदि आधुनिक तकनीक से लैस हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराई जाए, तो न केवल यात्रा सुरक्षित होगी, बल्कि पर्यटकों का अनुभव भी बेहतर होगा। फिलहाल, जनता को प्रशासन से त्वरित और ठोस कार्रवाई की उम्मीद है।

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