बेलगाम रफ्तार का कहर — रेत से भरा डंपर घर में घुसा, प्रशासन की निगरानी पर सवाल

भेरूंदा (जनकल्याण मेल)

विष्णु राठौर द्वारा > भेरूंद तहसील के ग्राम छिदगांव काछी में शनिवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब रेत से भरा तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित होकर सीधे एक रिहायशी मकान में जा घुसा। इस दुर्घटना ने गांव में अवैध रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर तेज गति से गांव के भीतर से गुजर रहा था, तभी चालक संतुलन खो बैठा और वाहन राजू कुशवाहा के मकान में जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग बाल-बाल बच गए। यदि कुछ सेकंड का भी अंतर होता, तो बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। सरपंच उत्तम सिंह ने नुकसान की पुष्टि करते हुए बताया कि जनहानि नहीं हुई, लेकिन मकान को भारी क्षति पहुंची है। पीड़ित परिवार दहशत में है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़कों पर रेत और निर्माण सामग्री से भरे भारी वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं, लेकिन उन पर कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या ग्रामीण इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही और गति सीमा को लेकर कोई निगरानी तंत्र मौजूद है?
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और गांव में भारी वाहनों की आवाजाही पर सख्त नियम लागू करने की मांग की है। अब देखना यह है कि इस चेतावनी भरे हादसे के बाद प्रशासन ठोस कदम उठाता है या मामला अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाता है।





