नॉर्थ कोरिया, रूस जैसे हो रहे चुनाव: दिग्विजय सिंह

गुना में वैदिक सम्मेलन के दौरान बोले- बिहार में वोट कटने-जुड़ने की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

सुरेन्द्र मिश्रा …

गुना [जनकल्याण मेल] प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बिहार चुनाव के परिणामों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि “इस तरह तो नॉर्थ कोरिया, रूस और चीन में चुनाव होते हैं। एक ही पार्टी को सारे वोट चले जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न है।”

वे शनिवार को गुना से 40 किलोमीटर दूर राघौगढ़ क्षेत्र के ग्राम आवन स्थित वाचस्पति संस्कृत विद्यालय में आयोजित त्रिदिवसीय क्षेत्रीय वैदिक सम्मेलन एवं चतुर्वेद पारायणम् में शामिल होने पहुंचे थे। यह आयोजन महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्यापीठ, उज्जैन (भारत सरकार) एवं श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर समिति ट्रस्ट, आवन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। देशभर से आए वेदाचार्य, प्रोफेसर, संत-महात्मा एवं संस्कृत विश्वविद्यालयों के विद्वान इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

बिहार चुनाव पर गंभीर आरोप- “62 लाख वोट कटे, 20 लाख जुड़े, जानकारी नहीं दी गई”

दिग्विजय सिंह ने कहा कि बिहार में 62 लाख वोट काटे गए और 20 लाख जोड़े गए, पर यह जानकारी नहीं दी गई कि किसके वोट कटे और किसके जुड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि परिणाम जिस तरह आए हैं, वह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया पर संदेह पैदा करते हैं।

मतदाता सूची और दस्तावेजीकरण पर भी उठाए सवाल

एसआईआर के सवाल पर उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सही बनवाने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है, लेकिन आज कई जटिल प्रक्रियाएं लागू कर दी गई हैं।

उन्होंने कहा~

“आधार कार्ड से पासपोर्ट और बैंक अकाउंट बन जाता है, तो मतदाता सूची में नाम जोड़ने में आधार क्यों मान्य नहीं? इन्होंने 11 दस्तावेजों की सूची में आधार कार्ड को शामिल ही नहीं किया।”

महिलाओं को 10 हजार रुपये देने को चुनावी फैक्टर मानने से किया इंकार ~

बिहार सरकार द्वारा महिलाओं को 10 हजार रुपये देने पर प्रतिक्रिया देते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा- “ये जनता का पैसा है। एक हाथ से ले रहे हैं, दूसरे हाथ से दे रहे हैं। इसे चुनावी कारण नहीं कह सकता।” उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है कि मतदाता सूची सही बने और EVM पर भरोसा कायम रहे।

EVM और VVPAT पर उठाई पारदर्शिता की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि मतदाता को यह अधिकार होना चाहिए कि वह जिस बटन को दबाए, उसकी रसीद उसे हाथ में मिले।

उन्होंने कहा ~

“VVPAT पर्ची सात सेकेंड दिखाकर डब्बे में गिरा देते हैं। हमे पर्ची हाथ में दी जाए, जिसे हम स्वयं बैलट बॉक्स में डालें। गिनती भी आसानी से हो सकती है। वीवीपैट की 100% गिनती आवश्यक है।”

12 राज्यों में भी ऐसी प्रक्रिया अपनाने की तैयारी पर चिंता

देश के 12 राज्यों में इसी प्रकार की प्रक्रियाएं अपनाए जाने के सवाल पर दिग्विजय सिंह ने कहा ~इन मुद्दों पर सभी विपक्षी दलों को मिलकर निर्णय लेना होगा कि इसे कब तक बर्दाश्त करना है।”

 

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