घरेलू गैस : 6 मार्च से लागू हुई नई व्यवस्था, 25 दिन के बाद ही गैस टंकी मिलेगी प्रशासन के निर्देश के बाद गैस वितरण व्यवस्था में बदलाव
वीरेंद्र राठौर, जिला ब्यूरो प्रमुख सीहोर

भेरुंदा [जनकल्याण मेल ]अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध की आहट ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों को हिला दिया है। इसका सीधा असर ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावित गैस एजेंसियां भी इस स्थिति को देखते हुए सतर्क हो गई हैं। पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू गैस वितरण की नियमावली में बदलाव किए हैं, जिसका असर आम उपभोक्ताओं की रसोई पर भी देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार अब अतिरिक्त गैस कनेक्शन पर भी नियंत्रण किया जा रहा है। अस्पताल, स्कूल और अन्य संस्थानों को मिलने वाले सिलेंडरों की व्यवस्था को लेकर भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसडीओपी रोशन जैन, एसडीएम सुधीर कुशवाह ने भेरुंदा क्षेत्र की गैस एजेंसियों और गोदामों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गैस सिलेंडरों के स्टॉक और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली तथा रिकॉर्ड का भी बारीकी से अध्ययन किया। एसडीओपी ने चेतावनी दी कि यदि किसी एजेंसी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया या अवैध रूप से गैस सिलेंडरों का उपयोग अथवा भंडारण पाया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे अंतरराष्ट्रीय हालात से गैस आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में कई स्थानों पर होटल संचालकों के सामने होटल बंद होने का संकट भी खड़ा हो सकता है। एसडीएम सुधीर कुशवाह ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि घरेलू गैस का वितरण केवल उपभोक्ताओं को ही किया जाए और अतिरिक्त गैस सिलेंडरों का उपयोग फिलहाल सीमित रखा जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अतिरिक्त सिलेंडर होटल तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को न दिए जाएं। गैस सिलेंडर केवल अत्यावश्यक सेवाओं के लिए उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिनमें सरकारी विभाग, अस्पताल, होटल और स्कूल शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर इन संस्थानों को सीमित संख्या में सिलेंडर उपलब्ध कराए जा सकेंगे। प्रशासन के इस फैसले का असर होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी देखने को मिल सकता है।
हालांकि गैस की कमी नहीं :
भारत गैस एजेंसी के संचालक विक्रम सिंह भाटी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नगर में गैस की कोई कमी या किल्लत नहीं है। उन्होंने बताया कि 6 मार्च से लागू हुई नई व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शिता के लिए है। नए नियमों के अनुसार अब 25 दिन के अंतराल के बाद ही सिलेंडर मिलेगा। इसका मतलब यह नहीं है कि गैस खत्म हो गई है।
नगर के सभी उपभोक्ताओं को आसानी से गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि तकनीकी बाधाओं के बावजूद हर उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी मिले। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं और अपने मोबाइल नंबर तथा केवाईसी को समय पर अपडेट करवाएं।





