इस बार भोपाल में होगा छठवां अंतरराष्ट्रीय योगिनी कॉन्फ्रेंस एवं अवार्ड कार्यक्रम
14–15 मार्च को योग, शोध, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण का वैश्विक मंच बनेगा भोपाल

भोपाल /जनकल्याण मेल/मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर योग, शोध और महिला सशक्तिकरण के अंतरराष्ट्रीय संवाद का केंद्र बनने जा रही है। भारतीय योगिनी संघ के तत्वावधान में छठवां अंतरराष्ट्रीय योगिनी कॉन्फ्रेंस एवं अवार्ड कार्यक्रम 14 और 15 मार्च 2026 को पं. सुंदरलाल ट्रेनिंग सेंटर फॉर वोकेशनल (एनसीईआरटी), श्यामला हिल्स में आयोजित किया जाएगा। राजधानी में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में भारतीय योगिनी महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ आर एच लता ने यह जाकारी दी। पत्रकार वार्ता में डा कामिनी मेहरा, सोनाली दत्ता दिनेश यदुवंशी, महिपाल मौजूद थे। डॉ लता ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में देश-विदेश की ख्यातिप्राप्त योगिनियां, योग विशेषज्ञ, शोधकर्ता, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
डॉ लता ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस 14 मार्च को सुबह 10 बजे से अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग, स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे। सम्मेलन में यह भी चर्चा होगी कि आधुनिक जीवन की चुनौतियों तनाव, असंतुलित जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं —के समाधान में योग की भूमिका किस प्रकार महत्वपूर्ण हो सकती है। दूसरे दिन 15 मार्च को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली योगिनियों को अंतरराष्ट्रीय योगिनी अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस सम्मेलन में भारत के साथ सिंगापुर, मस्कट, नेपाल, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया, केन्या, ब्रिटेन, फ्रांस, भूटान और इंडोनेशिया सहित कई देशों से योग साधिकाओं और विशेषज्ञों का आगमन होगा। यह आयोजन वैश्विक स्तर पर योग की परंपरा, अनुभवों और शोध को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय योग संस्कृति को और सशक्त पहचान मिलेगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर रहेगा फोकस
डॉ लता ने बताया कि आयोजन की विशेषता यह है कि यह केवल योग और शोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे समाज और विशेष रूप से महिलाओं की आत्मनिर्भरता से भी जोड़ा गया है। इसी उद्देश्य से सम्मेलन के साथ एक विशेष महिला उद्यमिता एक्सपो भी आयोजित किया जा रहा है। इस एक्सपो में उत्तर-पूर्व और पर्वतीय राज्यों, हिमाचल प्रदेश, लेह-लद्दाख, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मेघालय, असम, त्रिपुरा और नागालैंड से अपने पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल लगाएंगी। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, बल्कि इन महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान की दिशा में भी एक नया मंच प्राप्त होगा।
नवाचार, स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक कलाओं की दिखेगी झलक :
डॉ लता ने बताया कि एक्सपो में योग से जुड़े नवाचार, स्थानीय संस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक कलाओं की झलक भी प्रदर्शनी के माध्यम से देखने को मिलेगी। इसके साथ ही भारतीय योगिनी संघ द्वारा प्रारंभ किया गया स्टार्टअप “योगिनी होम स्टे” भी आकर्षण का केंद्र रहेगा, जो योग, संस्कृति और पर्यटन को जोड़ते हुए महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन में व्यासा सिंगापुर, ग्लोबल योगा लाइफ, आरोग्य भारती, लोटस जापान, एसोसिएशन ऑफ कंजर्वेशन एंड टूरिज्म, पीस एंड हारमनी फाउंडेशन तथा मध्यप्रदेश योग शिक्षक संघ सहित कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की सहभागिता रहेगी। कार्यक्रम में उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार श्रीमती रेनुका मिश्रा, आयुष आयोग के सचिव डॉ. संजय गुप्ता, सेतु आयोग उत्तराखंड के राजशेखर जोशी और इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक डॉ. के. जी. सुरेश सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।
300 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना :
डॉ लता ने बताया कि कार्यक्रम में लगभग 300 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें करीब 125 योगिनी, अतिथि और वक्ता रहेंगे। इसके अलावा मध्यप्रदेश के लगभग 35 जिलों से योग शिक्षक भी इसमें भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार यह सम्मेलन योग, स्वास्थ्य, शोध और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन और वैश्विक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।





