भेरूंदा में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी का पद खाली, आंगनवाड़ी व्यवस्थाएं प्रभावित

भेरूंदा [जनकल्याण मेल]

नगर में महिला एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय बीते 23 जून से प्रभारी व्यवस्था पर संचालित हो रहा है। वर्तमान में बोरखेड़ा सेक्टर की सुपरवाइजर निर्मला मालवीय को परियोजना अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। नियमित परियोजना अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से क्षेत्र में कार्य व्यवस्था प्रभावित होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि बोरखेड़ा सेक्टर सहित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की कई आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन समय पर नहीं हो पा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ केंद्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अपनी सुविधा अनुसार केंद्र खोल और बंद कर रही हैं। कई स्थानों पर दोपहर 1 बजे के बाद ही केंद्र बंद कर दिए जाने की जानकारी मिली है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
इस संबंध में सेक्टर सुपरवाइजर एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी निर्मला मालवीय ने बताया कि नियमित बैठकों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण समय प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सोमवार विभागीय बैठक, मंगलवार को जनसुनवाई तथा महीने में दो बार जिला स्तरीय बैठकों में उपस्थिति अनिवार्य रहती है। इसके अलावा नगर स्तर की बैठकों में भी शामिल होना पड़ता है।
जिला अधिकारी ज्ञानेंद्र खरे ने स्वीकार किया कि जिले में चार परियोजना अधिकारी वर्तमान में प्रभारी व्यवस्था में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है और शीघ्र ही स्थायी नियुक्तियां होने की उम्मीद है, जिससे व्यवस्थाएं सुचारू हो सकेंगी।
मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील गोलिया ने कहा कि करीब आठ महीने से पद खाली होने के कारण भेरूंदा तहसील में प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मुख्यमंत्री स्तर पर होने के बावजूद स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाना चिंता का विषय है। उनके अनुसार प्रभार व्यवस्था के भरोसे विभाग चलाना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने शासन से जल्द नियमित परियोजना अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है, ताकि आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन व्यवस्थित हो और हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।




