गोविंदा – गोविंदा की गूंज के साथ भोपाल से तिरुपति धाम का होगा आनंदमय सफर …
6 जनवरी को धार्मिक परिवारों के साथ जनकल्याण मेल परिवार की आध्यात्मिक रेल यात्रा का होगा शुभारंभ ...

🌷भोपाल [जनकल्याण मेल]🌷

🌻 सुरेन्द्र मिश्रा, चन्देरी वाले 🌻
मोबाइल.~ 9425381277
धार्मिक आस्था, आपसी सौहार्द और आध्यात्मिक उल्लास के संग भोपाल जनकल्याण मेल परिवार अपने सहयोगी साथियों के साथ 6 जनवरी 2026 को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ तिरुपति बालाजी के दर्शनार्थ रवाना होगा। यह पावन यात्रा ट्रेन मार्ग से सम्पन्न होगी, जिसमें हर डिब्बा भक्ति, गीत, जयकारों और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर रहेगा।
कलियुग के पालनहार भगवान श्री वेंकटेश्वर (बालाजी) के दर्शनों की अभिलाषा लिए यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि मन, विचार और आत्मा के शुद्धिकरण का अवसर है। यात्रा के दौरान “गोविंदा-रे-गोविंदा” और “जय श्री बालाजी” के जयघोष वातावरण को भक्तिरस में डुबो देंगे।
जनकल्याण मेल परिवार वर्षों से पत्रकारिता के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों के संरक्षण में सक्रिय रहा है। इसी कड़ी में यह सामूहिक धार्मिक यात्रा एकता, अनुशासन और भारतीय संस्कृति का जीवंत उदाहरण बनेगी। रेल यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, आध्यात्मिक चर्चाएँ और आपसी संवाद इस यात्रा को अविस्मरणीय बनाएंगे।
तिरुपति बालाजी के दर्शन को लेकर सभी यात्रियों में विशेष उत्साह है। मान्यता है कि बालाजी के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। यही आस्था, यही विश्वास इस यात्रा की आत्मा है।
जनकल्याण मेल परिवार का यह आध्यात्मिक प्रवास न केवल व्यक्तिगत श्रद्धा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि आपसी संबंधों को भी और प्रगाढ़ बनाएगा। यह यात्रा पत्रकारिता के दायित्वों के बीच मानवीय संवेदनाओं और आध्यात्मिक चेतना को सहेजने का एक सुंदर प्रयास है।
गोविंदा ~ गोविंदा के इस उद्घोष के साथ तिरुपति धाम की ओर प्रस्थान होगा धार्मिक दल :~
आस्था के इस पथ पर, आनंद के संग, प्रभु बालाजी के चरणों में परिवार सहित शीश नवाकर *भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद* प्राप्त करेंगे। परिवार सहित हो रही तीर्थोदय मंगलमय यात्रा के प्रेरणा स्रोत जगदीश सिंह राजपूत एवम उनकी टीम के परिवारजनो को आनंद की अनुभूति हो रही है। इस यात्रा का आनंद लेने से पूर्व परिवार की महिलाओं ने ट्रेन सफर मैं भोजन के लिए नाना प्रकार के व्यंजन बनाना शुरू कर दिए हैं। महिलाओं के मोबाइल आपस में खनखना उठे है, और एक दूसरे से पूछ रहे हैं कि आंटी आप क्या बना रही हो मैं यह बना रही हूं तो आप कुछ और बना लेना। इस तरह की चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।





