चंदेरी की विरासत ने मोहा मॉरीशस के पर्यटकों का मन …
हैंडलूम से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक विदेशी मेहमानों ने सराहा चंदेरी का सांस्कृतिक वैभव

चंदेरी [जनकल्याण मेल]
मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक नगर चंदेरी में भ्रमण पर आए मॉरीशस (अफ्रीका) के 10 सदस्यीय पर्यटक दल ने यहां की विश्वविख्यात हैंडलूम परंपरा और समृद्ध ऐतिहासिक धरोहरों का गहन अवलोकन किया। विदेशी पर्यटकों ने हैंडलूम पार्क एवं डिजिटल एम्पावरमेंट फाउंडेशन का भ्रमण कर चंदेरी साड़ी बुनाई की बारीक प्रक्रिया को नजदीक से देखा तथा स्थानीय बुनकरों से संवाद कर पारंपरिक हथकरघा उद्योग की जानकारी प्राप्त की।
चंदेरी के अनुभवी गाइड कल्ले भाई के साथ पर्यटकों ने चंदेरी किला, बैजू बाबरा की समाधि, जौहर स्मारक, खूनी दरवाज़ा, हवापौर, कटी घाटी, कौशक महल, बादल महल दरवाज़ा एवं जामा मस्जिद सहित अनेक ऐतिहासिक स्मारकों का भ्रमण किया। स्थापत्य कला, ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर विदेशी पर्यटक खासे प्रभावित नजर आए।
पर्यटकों ने कहा कि चंदेरी की हैंडलूम साड़ियां अपनी बारीक कारीगरी, हल्केपन और उत्कृष्ट गुणवत्ता के कारण विश्वभर में विशिष्ट पहचान रखती हैं। यहां की सांस्कृतिक विरासत और अतिथि-सत्कार भी अत्यंत सराहनीय है। इस अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा होटल ताना-बाना में पारंपरिक तरीके से पर्यटकों का स्वागत किया गया।
विदेशी पर्यटकों के आगमन से स्थानीय कारीगरों, बुनकरों एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कोविड महामारी के बाद विश्वभर के पर्यटकों का रुझान भारत की ओर बढ़ा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव चंदेरी में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। प्रतिदिन देशी-विदेशी पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही चंदेरी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बना रही है।





