शिक्षा विभाग की गंभीर लापरवाही : तहसीलदार को बना दिया वरिष्ठ शिक्षक, थमाया कारण बताओ नोटिस
बिजावर तहसीलदार अभिनव शर्मा को भेजा गया नोटिस उक्त मामला बना चर्चा का विषय
प्रदीप खरे द्वारा
टीकमगढ़ [जनकल्याण मेल] जिले में पहले भी अजीबोगरीब घटनाएँ सामने आती रही हैं—कभी बिना बिजली कनेक्शन के भारी-भरकम बिल, तो कभी स्वर्गवासी पटवारियों के तबादले। फर्जी स्कूलों, बिना परमीट वाहनों और फर्जी विकलांग बनकर नौकरी पाने जैसे मामलों ने भी लोगों को चौंकाया है। लेकिन इस बार जिले के शिक्षा विभाग ने ऐसा ‘कारनामा’ कर दिखाया, जिसने सबको हैरान कर दिया।शिक्षा विभाग ने बिजावर तहसीलदार अभिनव शर्मा को वरिष्ठ शिक्षक बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया, जबकि वह न तो टीकमगढ़ में पदस्थ हैं और न ही अब शिक्षक हैं। यह नोटिस जारी होने के बाद विभागीय गलती पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गई है।
नोटिस सीधे तहसीलदार के नाम जिला शिक्षा अधिकारी, टीकमगढ़ द्वारा 5 दिसंबर 2025 को जारी यह नोटिस किसी शिक्षक के लिए नहीं बल्कि सीधे अभिनव शर्मा, तहसीलदार बिजावर के नाम भेजा गया है। शर्मा मूलतः टीकमगढ़ निवासी हैं और कभी वरिष्ठ शिक्षक रहे थे, परंतु वर्तमान में वे प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उन्हें अनुपस्थिति दर्ज न करने का दोषी मानते हुए नोटिस भेज दिया।
ऑनलाइन उपस्थिति न लगाने का आरोप …
नोटिस में कहा गया है कि सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और अतिथि शिक्षकों को “हमारे शिक्षक” ऐप पर प्रतिदिन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य है। शासन के निर्देशों और बार-बार दिए गए आदेशों के बावजूद~“आपकी ऑनलाइन उपस्थिति आज दिनांक 05.12.2025 को दर्ज नहीं पाई गई” इस आधार पर उन्हें शासन आदेश उल्लंघन का दोषी बताया गया है।
कदाचार का आरोप, वेतनवृद्धि रोकने की चेतावनी
नोटिस में मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के उल्लंघन का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उनके खिलाफ दो वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्यवाही प्रस्तावित है, जबकि वे शिक्षा विभाग में पदस्थ ही नहीं हैं। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि यदि आप बीएलओ हैं तो नोटिस लागू नहीं होगा,जो मामले को और भी हास्यास्पद बनाता है।
वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची प्रतिलिपि …
इस नोटिस की प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, आयुक्त लोक शिक्षण, कमिश्नर सागर संभाग, कलेक्टर टीकमगढ़, CEO जिला पंचायत सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को नोटिस तामील कराने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
कार्यालयों में उठ रहे सवाल : अभिनव शर्मा का वेतन कौन ले रहा है ..?
तहसीलदार को वरिष्ठ शिक्षक बताते हुए नोटिस भेजे जाने के बाद अब बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि यदि उनके नाम शिक्षा विभाग में वरिष्ठ शिक्षक का रिकॉर्ड मौजूद है, तो उनके नाम से वेतन कौन ले रहा है ..?
क्या कहीं कोई वेतन हड़पने की गड़बड़ी चल रही है ..?
ऐसे ही एक मामले का खुलासा हाल ही में निवाड़ी जिले में हुआ था। इस विचित्र आदेश को लेकर शिक्षा विभाग के कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। टीकमगढ़ से लेकर छतरपुर तक यह मामला चर्चाओं में है कि शिक्षा विभाग की इस लापरवाही पर अब प्रशासन क्या कदम उठाएगा।
यह नोटिस जहां कर्मचारियों को चकित कर रहा है, वहीं स्वयं तहसीलदार अभिनव शर्मा भी स्तब्ध हैं कि आखिर उनका नाम शिक्षकीय रिकॉर्ड में आया कैसे। यह मामला अब जांच योग्य श्रेणी में माना जा रहा है।





