खाद की किल्लत और बदइंतजामी की शिकार हुई महिला किसान …

खाद की किल्लत और बदइंतजामी की शिकार हुई महिला किसान …दो दिन लाइन में खड़ी रही, मौत ने तोड़ दिया परिवार का सहारा…

सिंधिया के मंच से गुना विधायक शाक्य ने कलेक्टर को घेरा ,पूर्व मंत्री और कलेक्टर पहुंचे पीड़ित परिवार के गांव

गुना से सुमित जैन 

गुना [जनकल्याण मेल] जिले में खाद वितरण केंद्र पर फैली अफरा-तफरी और अव्यवस्था ने एक आदिवासी महिला किसान की जान ले ली। बमोरी क्षेत्र के बागेरी स्थित डबल लॉक गोदाम के बाहर दो दिनों से खाद के इंतजार में लगी कुशेपुर गांव की भुरिया बाई की हालत बुधवार रात अचानक बिगड़ गई। उल्टी और बेचैनी के बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

ठिठुरती रात और खुला आसमान: प्रशासनिक लापरवाही की दर्दनाक कहानी ~

परिजनों ने बताया कि भुरिया बाई दो दिनों से लंबी लाइन में खड़ी थीं। दिनभर की थकान और कड़ाके की ठंड में रात खुले आसमान के नीचे बितानी पड़ी। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना ने प्रशासन के उपलब्धता और व्यवस्था संबंधी दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।घटना की जानकारी मिलते ही जिले में हड़कंप मच गया।कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने महिला की मृत्यु की पुष्टि की और एसडीएम सहित प्रशासनिक टीम को तत्काल गांव भेजा।

विपक्ष का आक्रोश “जिम्मेदारी कौन लेगा ..?”

स्थानीय कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार और प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा ~“जब खाद पर्याप्त बताई जा रही है, तो किसान लाइन में मरने क्यों मजबूर हैं? इस सहरिया महिला किसान की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा ..?”उन्होंने सरकार से तुरंत जवाबदेही तय करने की मांग की।

सिंधिया ने जताया गहरा दुख, तत्काल सहायता के दिए निर्देश …

घटना की जानकारी मिलते ही गुना प्रवास पर मौजूद केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गहरा दुख व्यक्त किया।उनके निर्देश पर~ मृतक परिवार को 2,00,000 रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई।रेडक्रॉस से 10,000 रुपए,अंतिम संस्कार हेतु 5,000 रुपए उपलब्ध कराए गए। सिंधिया ने कलेक्टर और पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया को तुरंत कुशेपुर गांव जाकर परिवार की सहायता करने और व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा ~ “एक बहन की आकस्मिक मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी, और भविष्य में ऐसी परिस्थिति न बने, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।” कलेक्टर साहब, यह लाइनें क्यों लग रही हैं? सिंधिया जी को क्यों बदनाम करना चाहते हो..?”

सिंधिया के कार्यक्रम में ही भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया।उन्होंने मंच से सीधे कलेक्टर से पूछा ~ यह लंबी-लंबी लाइनें क्यों लग रही हैं ..?” आपकी व्यवस्था क्या है ..?”क्यों सिंधिया जी को बदनाम करना चाहते हो?” उन्होंने कहा कि यदि जवाब मंच पर नहीं मिलेगा तो विधानसभा में जरूर लिया जाएगा।

इनका कहना है ~किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना “बहुत दुखद घटना है। महिला को पता नहीं था कि उन्हें शुगर थी, जिसके कारण तबीयत बिगड़ी। खाद की पर्याप्त उपलब्धता है, पैनिक न हों। जिले में यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी का पर्याप्त भंडारण है और निरंतर वितरण हो रहा है।बीमार या हृदय रोगी किसान लाइन में अधिक देर न खड़े हों, स्वास्थ्य का ध्यान रखें।”

महेन्द्र सिंह सिसौदिया, पूर्व मंत्री “डॉक्टर्स की रिपोर्ट में शुगर बढ़ने से मृत्यु की पुष्टि हुई है। सिंधिया जी के निर्देश पर हम गांव पहुंचे हैं। संबल योजना के तहत 2 लाख रुपए का मुआवजा और रेडक्रॉस से सहायता दी जा रही है। 30 हजार मीट्रिक टन खाद बांटा जा चुका है, 15 हजार मीट्रिक टन रिजर्व है। यदि किसी स्तर पर कमी है तो सुधार किया जाएगा।”

निष्कर्ष ~

यह घटना खाद वितरण व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है, जो किसान की जान तक ले चुकी है। प्रशासनिक तंत्र पर कई सवाल खड़े हैं, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button