बढ़ी मेहरबानी…, दूध मिले मुश्किल से, मदिरा में हुई आसानी अवैध शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद, धड़ल्ले से बेंची जा रही शराब

प्रदीप खरे …

टीकमगढ़। दूध के लिए भले ही लोगों को दुकानों तक जाना पड़े, या फिर उन्हें दुकान खोजना पड़े, लेकिन अवैध शराब बिक्री के चलते शराब पीने वालों को शराब के लिए जरूर इन दिनों परेशान नहीं होना पड़ रहा है। इन दिनों यदि कहा जाए कि वैध और अवैध शराब दुकानों की संख्या दूध की दुकानों से कहीं अधिक हो गई है। दूध की दुकाने शहर में ही गिनती की हैं और गांव में तो यह संख्या न के बराबर होगी। लेकिन अवैध और वैध शराब दुकानों को मिलाकर इनकी संख्या दूध की दुकानों से कहीं अधिक मानी जा रही है। जबकि कई गांवों में बनें शराब के ठेकों पर कर्मचारी हाथ-हाथ धरे बैठे हैँ। कारण यह है कि इन गांवों में लोगों की सख्ती के चलते अब शराब बिक्री लगभग बंद सी हो गई है। जिले में इन दिनों शराब बिक्री पर लोगों की पंचायतों में लगाई गई पाबंदी का असर सीधा शराब ठेकेदारों पर पड़ता नजर आ रहा है। संभवत: यही कारण है कि गांव में अवैध शराब कारोबारियों की सक्रियता अधिक होती जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गांव में ज्यौ-ज्यौ शराब छोडऩे के लिए पंचायतें हो रही हैं, लोगों द्वारा शराब से तौबा करने के संकल्प लिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अवैध शराब बिक्रेताओं द्वारा चोरी छुपे गांवों एवं शहरों के पिछड़े इलाकों में अवैध रूप से शराब पहुंचाई जा रही है, जिसका सीधा असर युवा तरूणाई पर पड़ता दिखाई दे रहा है। एक ओर पुलिस अधिकारियों की मेहनत रंग लाती जा रही है, वहीं दूसरी ओर उनके ही मातहत सांठ-गांठ कर अवैध कारोबारियों को पनाह देते नजर आ रहे हैं। आए दिन वायरल होते वीडियो और लगते आरोपों के पुलिस की छवि पर असर छोडऩा शुरू कर दिया है। लोगों ने पुलिस अधीक्षक से अवैध कारोबारियों पर अंकुश लगाए जाने और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। बताया गया है कि हाल ही में ग्राम पटौरी और पुरानी टेहरी में अवैध रूप से मिली शराब को लेकर अटकलों का बाजार गर्म बना हुआ है। इन दोनों ही मामलों के वीडियो वायरल होने लगे हैं। ग्रुपों पर भी लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं पढऩे को मिल रही हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि अवैध शराब बिक्रेताओं की सांठ-गांठ आबकारी एवं पुलिस के अनेक जिम्मेदार कर्मचारियों से होने के कारण ही पुलिस के हाथ इन अवैध शराब बिक्रेताओं तक नहीं पहुंच पाते हैं। अवैध बिक्रेताओं को भी पुलिस कार्रवाई की सूचना मिल जाने से वह सतर्क हो जाते हैँ और पुलिस की छापामारी बेकार चली जाती है। लंबे समय से अवैध शराब बिक्रेताओं पर शिकंजा न कसे जाने से भी लोगों के आरोपों को बल मिल रहा है। मामले में कितनी सत्यता है, यह कहना तो मुश्किल है, लेकिन इतना तो तय है कि 13 नवम्बर की रात की रात में पुरानी टेहरी मुहल्ले में शराब से भरे एक वाहन के हादसे के दौरान एक बर्दी में कर्मचारी भी वहां मौके पर मौजूद दिखाई दे रहा है, अब यह कर्मचारी किस विभाग का है, यह जांच का विषय है। अवैध शराब का पता उस समय चला, जब अवैध शराब लेकर जा रहा वाहन पुरानी टेहरी पानी की टंकी के पास एक मकान से जा टकराया। हादसे की भनक लगते ही यहां मकान मालिक एवं कुछ मुहल्लावासी आ पहुंचे। कुछ युवकों ने यहां अवैध शराब का वीडियो बनाकर वायरल भी कर दिया। वीडियो वायरल होते ही ग्रुपों में कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं आने लगी। अवैध शराब कारोबारियों की बढ़ती सक्रियता और आबकारी एवं पुलिस विभाग की उदासीनता को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जाने लगे। हालांकि इस संबन्ध में कोतवाली टीआई श्री चाचौंदिया का कहना है कि आबकारी विभाग ने शायद इस मामले में कार्रवाई की होगी, यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अब यह देखना होगा कि इस वाहन में किस विभाग का कर्मचारी मौजूद रहा और वह कौन था। वहीं यह शराब कहां से कहां ले जाई जा रही थी, अब तक यह भी यक्ष प्रश्र बना हुआ है।

महिलाओं ने पकड़ी तीन पेटी अवैध शराब-

बीते रोज बल्देवगढ़ थाना अंतर्गत देवरदा चौकी के ग्राम पटौरी में भी अजीब-ओ-गरीब मामला सामने आया है। यहां अवैध शराब कारोबारियों पर नकेल कसने में महिलाएं आगे आईं है। उन्होंने यहां तीन पेटी अवैध शराब पकडक़र प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं महिलाओं का कहना है कि अवैध शराब लाने वालों को वह पकड़ नहीं सकीं। वह मौके से भागने में कामयाब हो गए। इस मामले में भी वीडियो वायरल हुआ है, जिसे देखकर लोगों द्वारा कई प्रकार की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं। कहा जा रहा है कि इस इलाके में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से किया जा रहा है। ऐसा भी नहीं है कि बल्देवगढ़ क्षेत्र की अवैध शराब बिक्री की भनक किसी को नहीं है। महिलाओं द्वारा अवैध शराब पकडऩे का भी जिले में यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई गांवों में महिलाएं अवैध शराब को लेकर मैदान में आईं हैं और गांववासियों के सहयोग से अवैध शराब पकडऩे में कामयाबी पाई है। पटौरी सहित आसपास के गांवों में फलफूल रहे अवैध शराब के कारोबार को लेकर लोगों की नाराजगी नजर आ रही है। कहा जा रहा है कि एक ओर गांव की पंचायतों में शराब से तौबा की जा रही है, वहीं दूसरी ओर अवैध रूप से बेंची जा रही शराब प्रशासन और ग्रामीणों की मंशा पर पानी फेरने में लगे हैं।

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